धर्मेंद्र को पद्म विभूषण मिलने पर भावुक हुईं हेमा मालिनी: बोलीं- मंच पर साथ थे 'धरम जी', सोशल मीडिया पोस्ट में छलका प्रेम

1 घंटा पहले
बोलीं- मंच पर साथ थे 'धरम जी', सोशल मीडिया पोस्ट में छलका प्रेम

देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार समारोह सोमवार को भावनाओं और यादों से भर गया, जब बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपने दिवंगत पति धर्मेंद्र की ओर से मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान ग्रहण किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान प्रदान किया, वैसे ही हेमा मालिनी की आंखें नम हो गईं। उनके साथ मौजूद बेटी अहाना देओल भी भावुक नजर आईं और समारोह के दौरान खुद को संभाल नहीं सकीं। पूरे कार्यक्रम में एक ऐसा भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।

सम्मान ग्रहण करने के कुछ घंटों बाद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पुरस्कार लेते समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो धर्मेंद्र उनका हाथ थामकर मंच तक लेकर जा रहे हों। उन्होंने कहा कि वह पल उनके लिए सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि जीवनभर की यादों को दोबारा जीने जैसा था। हेमा ने लिखा कि धर्मेंद्र न केवल एक सफल अभिनेता थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील, देखभाल करने वाले पति, स्नेही पिता और भरोसेमंद साथी भी थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ बिताए वर्षों की यादें उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी हैं।

जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखेंगी वे यादें

हेमा मालिनी ने अपनी पोस्ट में यह भी जिक्र किया कि धर्मेंद्र के साथ उन्होंने फिल्मों में शानदार सफर तय किया और बाद में जीवनसाथी के रूप में भी उनके साथ अनगिनत यादें बनाई। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण जैसे सम्मान को स्वीकार करते वक्त उनके भीतर गर्व, प्रेम और भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अभिनेत्री ने भगवान का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि उन्हें धर्मेंद्र जैसा जीवनसाथी मिला, जिसकी यादें वे जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखेंगी।

बेटी ईशा देओल ने भी साझा की भावनाएं

इस अवसर पर धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने भी एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि परिवार चाहता था कि धर्मेंद्र स्वयं मंच पर जाकर यह सम्मान लें। ईशा ने लिखा कि अगर वह आज जीवित होते तो हमेशा की तरह सफेद शर्ट और नीले सूट में बेहद आकर्षक दिखाई देते और एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह सम्मान ग्रहण करते। उन्होंने बताया कि जब उनकी मां मंच पर सम्मान लेने पहुंचीं, तब पूरा परिवार भावुक हो उठा। ईशा ने लिखा कि उनकी छोटी बहन अहाना की आंखों में आंसू थे, लेकिन पिता के सम्मान में उसके हाथ लगातार तालियां बजा रहे थे।

भारतीय सिनेमा के चमकते सितारे थे धर्मेंद्र

गौरतलब है कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में हुआ था। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। हिंदी सिनेमा में उनका योगदान कई दशकों तक याद किया जाएगा। ‘शोले’, ‘चुपके-चुपके’, ‘सत्यकाम’ और ‘धरम वीर’ जैसी फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उनके निधन के बाद से ही फिल्म इंडस्ट्री और करोड़ों प्रशंसक लगातार उन्हें याद कर रहे हैं। पद्म विभूषण के रूप में मिला यह सम्मान न केवल धर्मेंद्र के अभिनय सफर की पहचान है, बल्कि भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान को भी श्रद्धांजलि माना जा रहा है।

नव्य जागरण

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