यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में 58 लोगों की मौत, हीटवेव की चपेट में 26 देश

1 घंटा पहले
फ्रांस में 58 लोगों की मौत, हीटवेव की चपेट में 26 देश

यूरोप इस समय भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव की मार झेल रहा है। फ्रांस समेत महाद्वीप के 26 देश अत्यधिक तापमान से प्रभावित हैं। वहीं, कई देशों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। फ्रांस में गर्मी और उससे जुड़े हादसों के कारण अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 40 लोगों की जान नदियों, झीलों और नहरों में डूबने से गई। वहीं, दो बच्चों समेत 18 लोगों की मौत लू लगने से हुई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि फ्रांस को अपना गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जलाशयों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, इसी दौरान कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं। दूसरी ओर, बढ़ते तापमान का असर ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। पावर प्लांट को ठंडा रखने के लिए उपयोग की जाने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका के चलते प्लांट का संचालन रोकना पड़ा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि गर्मी का यह दौर जारी रहा तो ऊर्जा आपूर्ति और जल संसाधनों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

फ्रांस में सख्ती, स्कूल बंद

फ्रांस सरकार ने बढ़ते तापमान को देखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में 1,350 से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, प्रसिद्ध वार्षिक संगीत उत्सव ‘फेत द ला म्यूजिक’ के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार का मानना है कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को और बढ़ा सकता है। फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस के अनुसार, सोमवार की रात वर्ष 1947 के बाद दर्ज की गई सबसे गर्म रातों में शामिल रही। कई क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। एजेंसी ने मौजूदा हीटवेव की तुलना वर्ष 2003 की विनाशकारी गर्मी से की है, जब 16 दिनों तक चली भीषण गर्मी के कारण फ्रांस में करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी।

ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड

ब्रिटेन भी इस समय असामान्य गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो वर्ष 1976 में दर्ज जून महीने का 35.6 डिग्री सेल्सियस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा। विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। साथ ही ‘ट्रॉपिकल नाइट्स’ की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। इसमें रात के समय भी तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं जाता।

स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली में भी संकट

स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली में भी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्पेन के कई इलाकों में तापमान लगातार 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात के समय भी राहत नहीं मिल रही। जर्मनी में नदी और झीलों में नहाने के दौरान एक सप्ताह में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह देश के इतिहास की सबसे गंभीर हीटवेव साबित हो सकती है।

इटली के 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी

इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजधानी रोम और आर्थिक राजधानी मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी का असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां एयर कंडीशनिंग के लगातार उपयोग के कारण तेजी से डिस्चार्ज हो रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। जिससे यूरोप के कई देशों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

नव्य जागरण

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