ट्रम्प के बयान पर ईरान का पलटवार: परमाणु ठिकानों की जांच के दावे को नकारा, ओमान पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय जांच कराने के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प के अनुसार, इस कदम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का यह भरोसा मजबूत होगा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम हथियार निर्माण के उद्देश्य से नहीं चलाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी के अधिकारियों की ईरान में दोबारा तैनाती का रास्ता भी खुल सकता है। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए कहा है कि परमाणु मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं बनी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने स्पष्ट किया कि IAEA के साथ सहयोग पहले से निर्धारित नियमों के तहत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में लगभग 18 घंटे तक चली अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई नया समझौता या प्रतिबद्धता नहीं बनी। ईरान ने यह भी कहा कि उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर बातचीत अभी जारी है।
ओमान दौरे में क्षेत्रीय हालात पर चर्चा
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ आधिकारिक दौरे पर ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अलबुसैदी ने उनका स्वागत किया। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में क्षेत्रीय तनाव कम करने, शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
लेबनान में हिंसा में कमी पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि दो मार्च को इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद रविवार ऐसा पहला दिन रहा, जब किसी नए हवाई हमले की सूचना नहीं मिली। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि सोमवार सुबह तक भी यह स्थिति बनी रही, जो क्षेत्र में शांति की दिशा में सकारात्मक संकेत है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि लेबनानी हवाई क्षेत्र में इजराइली विमानों की गतिविधियां अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं।
बातचीत के फैसले का बचाव
ईरान के संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका के साथ बातचीत के फैसले की आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड वार्ता का उद्देश्य क्षेत्र में जारी रक्तपात को रोकना था। उन्होंने कहा कि यह वार्ता नहीं होने पर लेबनान में और अधिक हिंसा और जान-माल का नुकसान हो सकता था।
इजराइल-लेबनान वार्ता पर भी नजर
अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के बीच अगला दौर आज शुरू होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, इस वार्ता में सैन्य और राजनीतिक दोनों मुद्दों पर चर्चा होगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश विभाग के सलाहकार डैन होलर और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा सचिव डेनियल जिमरमैन करेंगे। क्षेत्र में नाजुक संघर्षविराम और बढ़ते कूटनीतिक प्रयासों के बीच इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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