ईरान का नाटो देशों पर निशाना: जल्द होगा परमाणु ठिकानों का निरीक्षण, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ खड़े NATO सदस्य देशों पर तीखा हमला बोला है। ईरान ने आरोप लगाया है कि जिन देशों ने उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का समर्थन किया। उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में एक व्यावसायिक जहाज पर हमले की घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। इस बीच भारत ने कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की तैयारी तेज कर दी है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO प्रमुख मार्क रूट स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में सहयोग दिया था। बघई ने कहा कि इन देशों को अपने नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन क्यों किया? ईरान ने इस पूरे घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही का विषय बताया है।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, ओमान तट के निकट होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक व्यावसायिक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा। हालांकि चालक दल का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ। घटना के बाद समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंता और गहरा गई है।
भारत ने हटाए कमर्शियल LPG पर प्रतिबंध
होर्मुज क्षेत्र में हालात सामान्य होने के संकेत मिलने के बाद भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पैक्ड कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई अब पहले जैसी बहाल हो चुकी है। वहीं, संकट के दौरान रोकी गई बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी पहले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक फिर शुरू कर दी गई है।
सऊदी अरामको ने फिर शुरू की कच्चे तेल की लोडिंग
दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने करीब चार महीने बाद रास तनूरा टर्मिनल से कच्चे तेल की लोडिंग दोबारा शुरू कर दी है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, बहरी कंपनी के नियंत्रण वाले दो बड़े क्रूड ऑयल टैंकरों पर तेल लादा गया है। वहीं, एक अन्य टैंकर लोडिंग की प्रतीक्षा में है। प्रत्येक टैंकर की क्षमता लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जाने की बताई गई है। उल्लेखनीय है कि दो मार्च को ईरानी ड्रोन हमले में इसी रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था।
निरीक्षण दल जल्द रवाना होगा ईरान
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि एजेंसी जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण शुरू करेगी। टोक्यो में उन्होंने बताया कि तकनीकी तैयारियां पूरी की जा रही हैं और निरीक्षण दल जल्द ईरान रवाना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के तहत परमाणु कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी IAEA के पास है।
अमेरिकी रणनीति पर भी नजर
होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर हुए हमले के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने फंसे जहाजों को निकालने की योजना फिलहाल रोक दी है। इससे आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके बाद ब्रेंट क्रूड का अगस्त वायदा भाव करीब चार प्रतिशत उछलकर 74.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसी बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने सैन्य ढांचे की नई रणनीति पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन स्थित क्षतिग्रस्त नौसैनिक अड्डे की मरम्मत के साथ-साथ कुवैत और सऊदी अरब में मौजूद कुछ सैन्य ठिकानों और अभियानों को इजराइल स्थानांतरित करने की संभावना पर भी शुरुआती स्तर पर चर्चा चल रही है। हालांकि, अमेरिका ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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