वेनेजुएला में दोहरे भूकंप से महाविनाश: अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि, राष्ट्रीय आपातकाल घोषित

कराकस|

वेनेजुएला में बुधवार शाम छह बजकर 34 मिनट और छह बजकर 35 मिनट पर क्रमशः 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। भारतीय समयानुसार ये झटके गुरुवार तड़के तीन बजकर 34 मिनट और तीन बजकर 35 मिनट पर महसूस किए गए। खास बात यह रही कि भूकंप ऐसे दिन आया, जब देशभर में राष्ट्रीय अवकाश था। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस आपदा में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत होने की आशंका जताई गई है। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 4300 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। भूकंप के बाद 20 आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं। दोनों झटकों का केंद्र राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में रहा। शुरुआती आकलनों में बड़े पैमाने पर तबाही और जनहानि की आशंका जताई गई है। इससे प्रभावित इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वेनेजुएला सरकार ने अभी तक किसी आधिकारिक मृतक संख्या की पुष्टि नहीं की है।

भूकंप के तेज झटकों का असर राजधानी कराकस समेत कई प्रमुख शहरों में महसूस किया गया। अनेक इमारतों में दरारें आईं, जबकि कुछ संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। रिपोर्टों के अनुसार, कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की छत का एक हिस्सा भी गिर गया। इससे आसपास धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

18 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

कराकस की नगर पालिका चाकाओ के मेयर गुस्तावो ड्यूके के अनुसार, अब तक 18 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक बचावकर्मी लगातार राहत एवं खोज अभियान में जुटे हुए हैं। ढही हुई इमारतों और क्षतिग्रस्त संरचनाओं के बीच फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों पर सामने आए वीडियो में बचावकर्मियों को मलबे में दबे लोगों को निकालते हुए देखा गया है।

126 वर्षों में सबसे बड़ा भूकंप

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अत्यंत विनाशकारी होते हैं। USGS के अनुसार, 7.5 तीव्रता का भूकंप 6.5 तीव्रता के भूकंप की तुलना में लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है। इससे इमारतों, सड़कों और पुलों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। इसके अलावा बड़े भूकंपों के बाद आने वाले आफ्टरशॉक पहले से कमजोर संरचनाओं के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा करते हैं। इसी कारण प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को क्षतिग्रस्त भवनों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

अपडेट्स

25 जून 2026

राहत अभियान को मिली वैश्विक रफ्तार

वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद इंटरनेशनल लेवल पर राहत और बचाव अभियान को तेज कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता बढ़ाने के लिए आपातकालीन राहत कोष से 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) जारी किए हैं। इसके साथ ही दुनिया के कई देशों से अतिरिक्त सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने कहा कि आपदा के बाद शुरुआती समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल हर गुजरता घंटा राहत कार्य की सफलता के लिए बेहद अहम है।

मलबे में अब भी तलाश जारी

सरकार ने बचाव अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तैनात राहतकर्मियों की संख्या 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी है। प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों तक त्वरित सहायता पहुंचाने और विस्थापित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है। राहत एजेंसियां आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास है।

अमेरिका ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

वेनेजुएला की मदद के लिए अमेरिका ने भी शुरुआती मानवीय सहायता भेज दी है। अमेरिकी सदर्न कमांड ने बताया कि ट्रांसपोर्ट शिप USS फोर्ट लॉडरडेल और लड़ाकू पोत USS बिलिंग्स के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा रेस्क्यू टीमें, मेडिकल स्टाफ और अन्य मानवीय सहायता भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भूकंप में घायल लोगों की संख्या बढ़कर 4,300 हो गई है। सबसे अधिक मरीज ला गुआइरा के अस्पतालों में भर्ती हैं। जहां स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने कई फील्ड हॉस्पिटल शुरू किए हैं। घायलों का तत्काल इलाज मिल सके। अधिकारियों के अनुसार राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गृहमंत्री ने लोगों से की अपील की

वेनेजुएला के गृहमंत्री डियोसदादो काबेलो ने नागरिकों से अधिकतम सतर्कता और सावधानी बरतने की अपील की है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि लोग मौजूदा स्थिति की गंभीरता को समझें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। काबेलो ने लोगों को बड़े पेड़ों, क्षतिग्रस्त इमारतों और अन्य असुरक्षित ढांचों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नागरिक घबराने के बजाय शांत रहें और सुरक्षित खुले स्थानों पर ठहरें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध हालात की जानकारी तुरंत राहत एवं बचाव एजेंसियों को देने की अपील की। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

ला गुआइरा में तबाही का सबसे बड़ा असर

भूकंप का सबसे अधिक प्रभाव उत्तरी तटीय राज्य ला गुआइरा में देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 70 हजार से अधिक परिवार आपदा से प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने बताया कि राज्य में 100 से ज्यादा इमारतें पूरी तरह ढह चुकी हैं। वहीं, नेशनल असेंबली के प्रेसिडेंट जॉर्ज रोड्रिग्ज ने कहा कि ला गुआइरा में करीब 250 इमारतें या तो पूरी तरह नष्ट हो गई हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में स्थित एक 10 मंजिला इमारत भी पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई।

25 जून 2026

सुनामी का खतरा टला

भूकंप के बाद सुनामी की आशंका पूरी तरह समाप्त हो गई है। अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने ताजा अपडेट जारी कर कहा है कि इस भूकंप से अब किसी भी तटीय क्षेत्र को सुनामी का खतरा नहीं है। भूकंप के तुरंत बाद एजेंसी ने चेतावनी दी थी कि केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित तटीय इलाकों में सुनामी की लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए भी एहतियातन अलर्ट जारी किया गया था।

1967 के विनाशकारी भूकंप की यादें हुईं ताजा

वेनेजुएला की राजधानी कराकस इससे पहले भी भीषण भूकंप का सामना कर चुकी है। वर्ष 1967 में आए 6.6 तीव्रता के भूकंप में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। उस दौरान पालोस ग्रांडेस और अल्तामिरा क्षेत्रों में कई इमारतें धराशायी हो गई थीं। बुधवार को आए भूकंप से ये दोनों इलाके एक बार फिर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने बताया कि इन क्षेत्रों में कई इमारतें ढह गई हैं। उन्होंने कहा कि 1967 की तरह इस बार भी लोगों ने लगातार दो झटके महसूस किए।

25 जून 2026

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया भयावह मंजर

भूकंप के बाद काराबोबो राज्य की राजधानी वेलेंसिया में रहने वाली बुजुर्ग ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में पहली बार इतना भय महसूस किया। उनके अनुसार ऐसा लग रहा था मानो पूरा घर किसी भी क्षण ढह जाएगा। उन्होंने बताया कि वह, उनके पति और बेटा एक-दूसरे से लिपट गए थे। लगातार सुरक्षित रहने की प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान पूरे घर में तेज कंपन महसूस हो रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इमारत किसी भी समय गिर सकती है।

जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप

वेनेजुएला के बाद जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र कुजी शहर से लगभग 35 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था और इसकी गहराई 51.7 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के बाद प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने अधिकारियों को नुकसान का तत्काल आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर ईस्ट जापान रेलवे ने टोक्यो और शिन-आओमोरी के बीच संचालित बुलेट ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। रेलवे ट्रैक और अन्य ढांचों की जांच पूरी होने के बाद सेवाएं बहाल की जाएंगी।

25 जून 2026

मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं

राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने भूकंप में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। हालांकि उन्होंने मृतकों की संख्या के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी क्षमता के साथ जुटी हुई है। प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रपति के अनुसार, भूकंप से एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका समेत कई देशों ने वेनेजुएला से संपर्क कर संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति ने हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

राष्ट्रपति ने की राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा

राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने बुधवार रात पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज में जुटने की अपील की। इसके साथ ही कराकस के निकट स्थित माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगली सूचना तक बंद रखने की घोषणा की गई है।

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