कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमला: एयर डिफेंस ने रोके ईरानी मिसाइल-ड्रोन, केश्म द्वीप पर एक्शन के बाद भारी तनाव

18 घंटे पहले
एयर डिफेंस ने रोके ईरानी मिसाइल-ड्रोन, केश्म द्वीप पर एक्शन के बाद भारी तनाव

फारस की खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है। ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और केश्म द्वीप क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि, अमेरिका ने ईरान के दावों को खारिज किया है। कहा है कि उसके किसी भी सैन्य ठिकाने को कोई प्रभावी नुकसान नहीं पहुंचा। दागी गई मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं। घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

क्षेत्रीय घटनाक्रम के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी प्रशासन ने इस अभियान को आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है। कहा कि यह क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक था। इसके बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाने का दावा किया। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने पहले से संवेदनशील खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और गहरा कर दिया है। इंटरनेशनल समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है।

कुवैत में गूंजी धमाकों की आवाजें

हमलों के दावों के बीच कुवैत के विभिन्न हिस्सों में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद कुवैत की सेना ने बयान जारी कर कहा कि देश का हवाई सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय है। संभावित मिसाइल तथा ड्रोन खतरों को निष्क्रिय करने के लिए अभियान चलाया गया। सेना के जनरल स्टाफ के अनुसार नागरिकों द्वारा सुनी गई। आवाजें एयर डिफेंस यूनिट्स की कार्रवाई का परिणाम थीं। जो दुश्मनाना हवाई लक्ष्यों को रोकने में लगी हुई थीं। कुवैती अधिकारियों ने कहा कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ने आने वाले खतरों का प्रभावी ढंग से सामना किया। साथ ही नागरिकों को चेतावनी जारी की है। कहा कि वे किसी भी मलबे, धातु के टुकड़ों, छर्रों या संदिग्ध वस्तुओं के पास न जाएं। वे सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

अमेरिका का दावा- कोई मिसाइल लक्ष्य तक नहीं पहुंची

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान की ओर से पड़ोसी देशों की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। उनमें से कोई भी अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी सेना के अनुसार कुवैत की ओर दागी गई दो प्रमुख मिसाइलें या तो लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या उड़ान के दौरान तकनीकी कारणों से टूटकर बिखर गईं। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है। क्षेत्र में तैनात सुरक्षा और निगरानी प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय रहीं। किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान नहीं हुआ।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता

ईरान और अमेरिका के परस्पर विरोधी दावों के बीच खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुवैत सहित कई देशों ने स्थिति पर करीबी नजर रखना शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो क्षेत्रीय स्थिरता पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल सभी पक्षों की नजर अगले सैन्य और कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई है।

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