बाराबंकी में मदरसा जा रहे सगे भाई-बहन की मौत: पुरानी जर्जर ईंट की दीवार गिरने से हुआ हादसा, तीन की हालत गंभीर
दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के गुलचप्पा कलां अलियाबाद गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में मदरसा जा रहे सगे भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं, एक ही परिवार के तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव की गली में स्थित वर्षों पुरानी जर्जर ईंट की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी और वहां से गुजर रहे पांचों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद गांव में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर बच्चों को मलबे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन दो बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह बच्चे रोज की तरह मदरसा जाने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही वे गांव की एक संकरी गली से गुजर रहे थे, वहीं स्थित पुरानी ईंट की दीवार अचानक ढह गई। देखते ही देखते पांचों बच्चे मलबे के नीचे दब गए। तेज आवाज और बच्चों की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल मलबा हटाने में जुट गए।
घायलों का इलाज जारी
हादसे में मुस्लिम के सात वर्षीय बेटे हुजैफा और उसकी बहन हाजरा बानो की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सलमान का आठ वर्षीय बेटा हस्सान, उसकी चार वर्षीय बेटी हानिया तथा अब्दुल मन्नान का बेटा मोहम्मद अदनान गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी दीवार
ग्रामीणों का कहना है कि जिस दीवार के गिरने से हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। लगातार बारिश के कारण उसकी स्थिति और कमजोर हो गई थी। स्थानीय लोगों ने कई बार दीवार के मालिक से इसे हटाने या मरम्मत कराने की मांग की थी, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जर्जर भवनों की जांच की मांग
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायल बच्चों के परिवार अस्पताल में उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जर्जर दीवारों और पुराने भवनों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते ऐसे ढांचों को हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो।







