फर्जी ई-टिकट पर 8 यात्री अरेस्ट: आधार और QR कोड में हेराफेरी, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस में पकड़े गए छह यात्री

बस्ती|1 घंटा पहले
आधार और QR कोड में हेराफेरी, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस में पकड़े गए छह यात्री

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की संयुक्त टीम ने स्पेशल टास्क टीम (एसटीटी) लखनऊ के सहयोग से बस्ती रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ई-टिकट के जरिए यात्रा कर रहे आठ यात्रियों को अरेस्ट किया है। जांच के दौरान यात्रियों के टिकटों में आधार कार्ड और क्यूआर कोड से छेड़छाड़ मिलने के बाद सभी के खिलाफ रेल अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े दलालों की तलाश में जुट गई हैं।

आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक रशीद बेग मिर्जा ने बताया कि गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) एक्सप्रेस में कुछ यात्रियों द्वारा दूसरे लोगों के नाम से बुक किए गए ई-टिकट पर यात्रा करने की सूचना मिली थी। इसके बाद ट्रेन के बस्ती स्टेशन पहुंचने पर संयुक्त टीम ने एस-3 कोच में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान सुनील गुप्ता, रीना, सतेंद्र सिंह, हरकेश यादव, फैजान अहमद और ईश्वर चंद सहित छह यात्री संदिग्ध पाए गए। इनके पास मौजूद टिकटों पर दर्ज विवरण और प्रस्तुत पहचान पत्रों में विसंगतियां मिलीं। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया।

दूसरी कार्रवाई में दो और यात्री गिरफ्तार

इसी क्रम में कुशीनगर एक्सप्रेस के बस्ती स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ उप निरीक्षक कमलेश कुमार यादव के नेतृत्व में एक और जांच अभियान चलाया गया। मुखबिर की सूचना पर एस-1 कोच की जांच की गई। इसमें मोहम्मद यूसुफ निवासी बस्ती और सनाउल्लाह निवासी सिद्धार्थनगर फर्जी तरीके से संशोधित तत्काल टिकटों पर यात्रा करते हुए पाए गए। जांच में सामने आया कि दोनों यात्रियों के टिकट खलीलाबाद से लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक के थे और उनमें नाम संपादित कर यात्रा की जा रही थी।

दलालों की तलाश में जुटीं एजेंसियां

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, सभी आठ यात्रियों के टिकट दूसरे व्यक्तियों के नाम से बुक किए गए थे। जांच में आधार कार्ड और क्यूआर कोड में भी हेराफेरी की पुष्टि हुई है। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। रेलवे सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसके पीछे फर्जी टिकट तैयार करने वाले संगठित गिरोह या दलालों का हाथ हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को हमेशा अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराना चाहिए। किसी भी अनधिकृत एजेंट से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

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