न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही: कोर्ट की सख्ती के बाद दरोगा निलंबित, डेढ़ साल पहले मृत महिला का दर्ज किया बयान

बस्ती|1 घंटा पहले
कोर्ट की सख्ती के बाद दरोगा निलंबित, डेढ़ साल पहले मृत महिला का दर्ज किया बयान

जिले में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में मुंडेरवा थाने में तैनात उपनिरीक्षक जावेद खान को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष पहले मृत हो चुकी महिला का बयान दर्ज दिखाते हुए कोर्ट में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। मामले का खुलासा होने के बाद कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कड़ी टिप्पणी की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए। पूरे प्रकरण ने पुलिस जांच की विश्वसनीयता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन (एफटीसी) शुभम द्विवेदी की कोर्ट में विचाराधीन ओमप्रकाश बनाम प्रहलाद वाद से जुड़ा है। कोर्ट ने 10 फरवरी 2026 को मुंडेरवा थाना प्रभारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उपनिरीक्षक जावेद खान ने 10 मार्च 2026 को जांच रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में घायल पीड़िता बिन्दवासिनी पत्नी ओमप्रकाश सहित अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया था। हालांकि, मामले ने नया मोड़ तब लिया जब प्रतिवादी प्रहलाद ने एक मई 2026 को न्यायालय में शपथ-पत्र दाखिल कर जांच रिपोर्ट को तथ्यहीन और भ्रामक बताया। उन्होंने दावा किया कि बिन्दवासिनी की मृत्यु 26 नवंबर 2024 को ही हो चुकी थी। इस दावे के समर्थन में खलीलाबाद की सिविल अदालत में लंबित वरासत संबंधी मुकदमे के अभिलेख भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

कोर्ट ने दलील खारिज कर जताई नाराजगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उपनिरीक्षक जावेद खान से स्पष्टीकरण मांगा। जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि यह त्रुटि उनसे "जाने-अनजाने भूलवश" हुई है। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और टिप्पणी की कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने जानबूझकर लापरवाही बरती है। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को दस दिनों के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही उपनिरीक्षक के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 379 के तहत प्रकीर्ण वाद चलाने का आदेश भी दिया।

विभागीय जांच शुरू

कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक जावेद खान को निलंबित कर दिया। मामले की विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार को सौंपी गई है। कार्रवाई की सूचना न्यायालय के अलावा डीआईजी और एडीजी गोरखपुर को भी भेजी गई है। पुलिस विभाग अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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