बुदिमिर के गोल से क्रोएशिया की उम्मीदें जिंदा: पनामा टूर्नामेंट से बाहर, इंग्लैंड-घाना मुकाबला रहा ड्रा

फीफा विश्व कप के ग्रुप-एल में बुधवार को खेले गए मुकाबलों के बाद नॉकआउट की तस्वीर और दिलचस्प हो गई है। एंटे बुदिमिर के निर्णायक गोल की बदौलत क्रोएशिया ने पनामा को 1-0 से हराकर अंतिम-16 में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा। वहीं, पनामा की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ग्रुप के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड और घाना के बीच गोलरहित ड्रॉ रहा। इस परिणाम के बाद इंग्लैंड और घाना चार-चार अंकों के साथ शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं। जबकि क्रोएशिया तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
टोरंटो स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पहले हाफ के दौरान दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। पनामा की रक्षापंक्ति ने क्रोएशिया के लगातार हमलों को प्रभावी ढंग से विफल किया। मध्यांतर तक दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं। हालांकि दूसरे हाफ की शुरुआत के कुछ ही मिनट बाद मैच का रुख बदल गया। मैदान पर उतरने के चार मिनट बाद ही एंटे बुदिमिर ने 54वें मिनट में जोसिप स्तानिशिच के शानदार क्रॉस को गोल में बदलते हुए क्रोएशिया को बढ़त दिला दी। यही गोल मैच का निर्णायक साबित हुआ। इसके बाद पनामा ने वापसी की कोशिश की। लेकिन क्रोएशियाई रक्षा पंक्ति और गोलकीपर ने उसे सफल नहीं होने दिया।
मोड्रिच का ऐतिहासिक मैच, लिवाकोविच बने दीवार
क्रोएशिया के दिग्गज मिडफील्डर लुका मोड्रिच ने अपने करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर एक और उपलब्धि अपने नाम की। 57वें मिनट में उन्होंने मार्को पालिच के लिए शानदार अवसर बनाया। लेकिन पनामा के गोलकीपर ऑरलैंडो मॉस्केरा ने बेहतरीन बचाव कर गोल नहीं होने दिया। दूसरी ओर 67वें मिनट में पनामा को बराबरी का सुनहरा मौका मिला, जब टीम ने लगातार तीन हमले किए। हालांकि क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों प्रयासों को विफल कर दिया। अपनी टीम की बढ़त सुरक्षित रखी।
घाना के गोलकीपर ने इंग्लैंड को रोका
बोस्टन स्टेडियम में खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड और घाना के बीच गोलरहित ड्रॉ रहा। मैच में इंग्लैंड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 19 शॉट लगाए। लेकिन घाना के गोलकीपर असारे ने शानदार बचाव कर टीम को हार से बचा लिया। 86वें मिनट में निको ओ'राइली का हेडर क्रॉसबार से टकरा गया। जबकि हैरी केन रिबाउंड पर भी गोल नहीं कर सके। घाना की ओर से सबसे अच्छा मौका 78वें मिनट में बना। लेकिन इंग्लैंड के डिफेंडर एजरी कोन्सा ने समय रहते हस्तक्षेप कर खतरा टाल दिया। मैच के बाद घाना के कोच कार्लोस क्वेइरोज ने कहा कि उनकी रणनीति इंग्लैंड को शुरुआत से ही निराश करने की थी। इसमें उनकी टीम सफल रही। अब ग्रुप-एल का अंतिम मुकाबला क्रोएशिया और घाना के बीच होगा। जहां नॉकआउट में जगह बनाने की लड़ाई और रोमांचक होने वाली है।
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