बेलघाट में बनेगा 25 करोड़ का मॉडल विद्यालय: गांव के बच्चों को मिलेगी कॉन्वेंट जैसी शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

गोरखपुर|1 घंटा पहले
गांव के बच्चों को मिलेगी कॉन्वेंट जैसी शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए खजनी तहसील क्षेत्र के बेलघाट गांव में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक शिक्षण संस्थान ग्रामीण बच्चों को शहरों के कॉन्वेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। नवंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण पर कुल 25 करोड़ 33 लाख 44 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पहली किस्त के रूप में आठ करोड़ 83 लाख 20 हजार रुपये जारी किए जा चुके हैं। विद्यालय परिसर में मुख्य शैक्षणिक भवन के अलावा मिड-डे मील भवन, बाल वाटिका, मल्टीपर्पज हॉल, छात्रावास जैसी सुविधाएं, स्टाफ और प्रधानाचार्य आवास, डॉरमेट्री, गार्ड रूम तथा बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य आवश्यक सिविल एवं इलेक्ट्रिकल कार्य भी परियोजना का हिस्सा होंगे। उत्तर प्रदेश जल निगम (शहरी) की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज यूनिट-19 को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक अभियंता संदीप ने बताया कि निर्माण कार्य 27 मई से शुरू हो चुका है। निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

स्मार्ट शिक्षा पर जोर

विद्यालय में पारंपरिक ब्लैकबोर्ड की जगह डिजिटल और स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित होगा। विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब विकसित की जाएंगी। साथ ही खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सुविधायुक्त खेल मैदान भी तैयार किया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यहां पारंपरिक शिक्षा के साथ कंप्यूटर एप्लीकेशन, कोडिंग और विभिन्न वोकेशनल कोर्स की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इससे छात्र आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारोन्मुखी कौशल हासिल कर सकेंगे।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विद्यालय के संचालन से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी स्कूलों की महंगी फीस के विकल्प के रूप में यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएगा। साथ ही गांवों में छिपी प्रतिभाओं को आधुनिक संसाधनों के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नवंबर 2027 तक विद्यालय को पूर्ण रूप से तैयार कर विद्यार्थियों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

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