चौरीचौरा डबल मर्डर केस में नया ट्विस्ट: पॉलीग्राफ रिपोर्ट से उलझी जांच, आरोपी अब भी बेनकाब नहीं

गोरखपुर|22 अप्रैल 2026
पॉलीग्राफ रिपोर्ट से उलझी जांच, आरोपी अब भी बेनकाब नहीं

गोरखपुर के चौरीचौरा इलाके में हुए चर्चित मां-बेटी हत्याकांड का खुलासा एक साल बाद भी नहीं हो सका है। 29 मार्च 2025 की रात को हुए इस डबल मर्डर केस में पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। अब पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट ने जांच को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस को उम्मीद थी कि लाई डिटेक्टर टेस्ट से सच्चाई सामने आएगी, लेकिन रिपोर्ट ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस केस में पुलिस ने कुल छह लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया था। इनमें मुख्य आरोपी, परिवार के सदस्य और वादी मुकदमा शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ दो लोगों के जवाब ही पूरी तरह संतोषजनक पाए गए हैं। जबकि बाकी 4 लोगों के जवाबों में स्पष्टता नहीं है। इससे पुलिस की जांच की दिशा अब और जटिल हो गई है। सूत्रों के मुताबिक जिन दो लोगों के जवाब साफ पाए गए, उनमें सुरेंद्र और सरजू शामिल हैं। इन दोनों ने पूछे गए सभी सवालों पर स्थिर प्रतिक्रिया दी। वहीं अन्य चार लोगों के जवाबों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जिससे उनके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

वादी खुशबू भी संदेह के घेरे में

इस मामले की वादी खुशबू, जो मृतका पूनम की बड़ी बेटी है, उसके जवाब भी पूरी तरह साफ नहीं पाए गए। पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान उसके जवाबों में कई बार बदलाव देखा गया। तीन सवालों के दौरान उसकी प्रतिक्रिया अस्थिर रही। इससे पुलिस उसे पूरी तरह क्लीनचिट देने की स्थिति में नहीं है। हालांकि अभी उसे आरोपी नहीं माना गया है, लेकिन उसकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।

मुख्य आरोपी को भी नहीं मिली राहत

इस केस में मुख्य आरोपी संजय उर्फ शैलेंद्र को भी पॉलीग्राफ टेस्ट में क्लीनचिट नहीं मिल सकी है। वह पहले जेल जा चुका है और चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण जमानत पर बाहर है। टेस्ट में उसके जवाब भी संदिग्ध पाए गए हैं। इससे यह साफ है कि पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

क्या थे पॉलीग्राफ टेस्ट के सवाल

पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान चार प्रमुख सवाल पूछे थे। ये सवाल सीधे हत्या की घटना और उसमें शामिल लोगों की भूमिका से जुड़े थे। हालांकि पुलिस ने सवालों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि जवाबों में आई अस्थिरता ने केस को और उलझा दिया है।

घटना की रात क्या हुआ था?

यह वारदात चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में हुई थी। रात करीब 1:30 बजे पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दोनों उस समय घर में सो रही थीं। घटना के बाद पूनम का मोबाइल फोन घर से बाहर खेत में मिला था, जो कई सवाल खड़े करता है। घटना के समय खुशबू दूसरे कमरे में बंद मिली थी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला था। उसी की तहरीर पर संजय, उसके पिता सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

पॉलीग्राफ टेस्ट अंतिम साक्ष्य नहीं

एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार के मुताबिक पॉलीग्राफ टेस्ट को अंतिम साक्ष्य नहीं माना जाता है। यह सिर्फ जांच को दिशा देने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। अब पुलिस कॉल डिटेल, फॉरेंसिक एविडेंस और अन्य तकनीकी पहलुओं पर फोकस कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल केस में कोई ठोस सुराग मिल सकता है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।