गोरखपुर में बंदी की खबर पर प्रशासन अलर्ट: व्यापारियों संग बैठक में निकला समाधान, प्रशासन और व्यापारियों के बीच बनी सहमति

गोरखपुर|25 अप्रैल 2026
व्यापारियों संग बैठक में निकला समाधान, प्रशासन और व्यापारियों के बीच बनी सहमति

गोरखपुर में प्रस्तावित बंदी की खबर सामने आते ही प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया। स्थिति को संभालने और किसी भी तरह के तनाव को टालने के लिए अधिकारियों ने तुरंत व्यापारियों से सीधा संवाद शुरू किया। इसी कड़ी में एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने व्यापार मंडल अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस लाइन में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासन और व्यापारियों के बीच खुले तौर पर चर्चा हुई। उद्देश्य साफ था। शहर की व्यवस्था बनाए रखना और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित न होने देना।

बैठक में अपर नगर आयुक्त अमित कुमार और एडीएम (एलआर) भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। व्यापारियों ने ट्रैफिक, पार्किंग और स्थानीय व्यवस्थाओं से जुड़ी अपनी दिक्कतें सामने रखीं। चर्चा के दौरान अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि फैसले लेते समय व्यापार और ट्रैफिक दोनों का संतुलन रखा जाएगा। इससे माहौल सकारात्मक रहा और टकराव की स्थिति टल गई।

गोलघर में सीमित ई-रिक्शा को मिली अनुमति

शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक गोलघर में ट्रैफिक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसे देखते हुए 100 ई-रिक्शा को अस्थायी रूप से चलाने की अनुमति देने का फैसला लिया गया। यह कदम ट्रैफिक कंट्रोल और लोगों की सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। साथ ही एक नई पहल पर भी चर्चा हुई। अयोध्या मॉडल की तरह यहां इलेक्ट्रॉनिक गोल्फ कार्ट शुरू करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पार्किंग व्यवस्था होगी सख्त

शहर में अव्यवस्थित पार्किंग एक बड़ी समस्या रही है। इसे सुधारने के लिए नई रणनीति तैयार की गई है। अब सड़क किनारे वाहनों को सिर्फ व्हाइट लाइन के अंदर ही खड़ा करना होगा। इसके लिए पहले पूरे इलाके का सर्वे किया जाएगा। एसपी ट्रैफिक और नगर निगम की टीम मिलकर पार्किंग जोन तय करेगी। इसके बाद स्पष्ट लाइन मार्किंग की जाएगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। साथ ही प्रवर्तन दल और ट्रैफिक पुलिस के व्यवहार को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

लाउडस्पीकर और चटोरी गली पर फोकस

बैठक में लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर भी चर्चा हुई। ट्रैफिक अनाउंसमेंट सिस्टम की आवाज को कंट्रोल करने का फैसला लिया गया। इससे अनावश्यक शोर कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। वहीं चटोरी गली में दोपहिया वाहनों की एंट्री को लेकर भी मुद्दा उठा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। यहां ट्रैफिक और भीड़ दोनों को संतुलित करना जरूरी है।

व्यापारियों ने रखे सुझाव

बैठक में कई प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे। उन्होंने अपने सुझाव दिए। अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। प्रशासन ने सभी बिंदुओं को नोट किया। भरोसा दिलाया कि जल्द ही जमीनी स्तर पर बदलाव दिखेगा। इस तरह की बातचीत से दोनों पक्षों के बीच बेहतर तालमेल बना। इससे यह साफ हुआ कि संवाद के जरिए बड़े विवाद भी आसानी से सुलझाए जा सकते हैं।

शहर में व्यवस्था और व्यापार दोनों पर फोकस

इस पूरी प्रक्रिया का मकसद साफ है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना और व्यापार को प्रभावित न होने देना। प्रशासन अब ग्राउंड लेवल पर प्लान को लागू करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर साफ दिखाई दे सकता है। फिलहाल शहर में स्थिति सामान्य बनी हुई है और बंदी की आशंका भी काफी हद तक खत्म हो गई है।

नव्य जागरण

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