एआई जागरूकता में गोरखपुर का वर्ल्ड रिकॉर्ड: 7.64 लाख ऑनलाइन पंजीकरण, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने सीएम और टाटा संस के चेयरमैन को सौंपा प्रमाण पत्र

गोरखपुर|

गोरखपुर जिले ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड में शहर का नाम दर्ज हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार ‘एआई फॉर ऑल अवेयरनेस प्रोग्राम’ ने महज एक सप्ताह में 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण हासिल कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस प्रोग्राम का लक्ष्य 5 लाख पंजीकरण का रखा गया था, लेकिन निर्धारित तिथि 9 अप्रैल तक 7.64 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराकर नया कीर्तिमान बना दिया। यह उपलब्धि एआई जागरूकता के क्षेत्र में अभूतपूर्व मानी जा रही है।

लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

एमपीआईटी और टीसीएस की संयुक्त पहल

इस पहल की शुरुआत महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से की। इसमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय समेत कई संस्थान शामिल रहे।

मुख्यमंत्री और टाटा संस चेयरमैन को सौंपा प्रमाण पत्र

बुधवार को गिनीज वर्ल्ड रिकार्डस के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। यह कार्यक्रम एमपीआईटी में आयोजित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह के मंच पर संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मौजूद लोग
कार्यक्रम में मौजूद लोग

कड़े मानकों के बाद मिली मान्यता

गिनीज प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखा गया, जिसके बाद इस रिकॉर्ड को मान्यता दी गई। इससे कार्यक्रम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी साबित होती है।

फ्री प्रोग्राम में मिलेगी एआई की पूरी ट्रेनिंग

यह एआई अवेयरनेस प्रोग्राम पूरी तरह निशुल्क है। इसमें प्रतिभागियों को एआई का परिचय, जेनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, प्रोडक्टिविटी, रिस्पॉन्सिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें

अधूरी नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।