गोरखपुर में भाजयुमो ने जलाया अखिलेश यादव का पुतला: सोशल मीडिया पोस्ट पर बढ़ा सियासी विवाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर की थी टिप्पणी

गोरखपुर में रविवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इंद्रा बाल विहार तिराहे पर जमकर नारेबाजी हुई। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला जलाया। प्रदर्शन के दौरान कई पोस्टर भी दिखे। पोस्टरों पर विरोध वाले स्लोगन लिखे थे। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सपा आईटी सेल को घेरा। नेताओं ने बयान देकर तीखा हमला बोला। पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। प्रदेशभर में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई।
विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। सपा आईटी सेल अकाउंट से पोस्ट किया गया। पोस्ट में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर टिप्पणी की गई। भाषा को लेकर भाजपा नेताओं ने नाराजगी जताई। कुर्मी समाज के कई संगठनों ने भी विरोध किया। भाजपा समर्थकों ने इसे अपमानजनक बताया। नेताओं ने कहा कि समाज का सम्मान आहत हुआ। पोस्ट में पंकज चौधरी को टैग भी किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन का फैसला लिया। गोरखपुर में सबसे पहले बड़ा विरोध देखने को मिला।
भाजयुमो नेताओं ने बोला तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो नेताओं ने सपा पर हमला बोला। क्षेत्रीय महामंत्री अंबिकेश धर दुबे ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि सपा छोटी सोच वाली पार्टी बन गई। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। सपा आईटी सेल की भाषा को गलत बताया गया। अंबिकेश धर दुबे ने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा टूट रही। उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। बयान के दौरान उन्होंने मानसिक संतुलन वाली टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो इलाज करवाएंगे। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया। कार्यकर्ताओं ने लगातार नारेबाजी जारी रखी।
विपक्ष की राजनीति पर उठाए सवाल
भाजयुमो के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंहा भी मौजूद रहे। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका भूल चुका है। उन्होंने सपा पर निचले स्तर की राजनीति का आरोप लगाया। डॉ. सिंहा ने कहा कि जनता सब देख रही। उन्होंने कहा कि सपा की पकड़ कमजोर पड़ रही। आने वाले चुनाव में जनता जवाब देगी। प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थकों की भीड़ जुटी रही। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस भी मौके पर निगरानी करती रही। पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक गर्मी साफ दिखाई दी।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
इस विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई। भाजपा और सपा नेताओं के बीच बयानबाजी बढ़ी। सोशल मीडिया पर समर्थकों की प्रतिक्रियाएं भी तेज रहीं। कई नेताओं ने भाषा की मर्यादा रखने की अपील की। भाजपा नेताओं ने सपा से माफी की मांग की। वहीं सपा समर्थकों ने भी जवाबी टिप्पणियां कीं। राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर सक्रिय दिखे। आने वाले चुनावों से पहले माहौल और तेज माना जा रहा। गोरखपुर का यह विरोध अब प्रदेशभर में चर्चा बना हुआ है। दोनों दलों के कार्यकर्ता लगातार एक-दूसरे पर हमलावर हैं।
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