बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बवाल: एमबीबीएस छात्रों ने मानसिक रोगी को पीटा; छात्रा के आरोप पर हुआ विवाद

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बड़ा विवाद सामने आया। एमबीबीएस छात्रों पर मानसिक रोगी की पिटाई का आरोप लगा है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। मामला छात्रा के आरोप से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक मानसिक रोगी वार्ड से बाहर निकल आया था। वह सरोजनी हॉस्टल के पास पहुंच गया। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक छात्रा पर उसने कथित तौर पर कमेंट किया। इसके बाद मामला अचानक बढ़ गया।
आरोप के मुताबिक छात्रा ने तुरंत अपने साथियों को बुलाया। कुछ ही देर में कई एमबीबीएस छात्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मरीज को पकड़ लिया। इसके बाद हॉस्टल के बाहर उसकी पिटाई शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोग यह सब देखते रह गए। स्थिति कुछ देर के लिए बेकाबू हो गई। घटना ने मेडिकल कॉलेज के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
पत्नी की गुहार बेअसर
मरीज की पत्नी भी मौके पर मौजूद थी। वह बार-बार छात्रों से गुहार लगाती रही। उसने बताया कि उसका पति मानसिक रूप से बीमार है लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। मारपीट जारी रही। इसी दौरान उसने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब पूरे मामले का अहम हिस्सा बन गया है। वीडियो बनने के बाद विवाद और बढ़ गया।
मरीज को वार्ड में किया भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज की सिक्योरिटी टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने किसी तरह मरीज को छात्रों से छुड़ाया। इसके बाद उसे दोबारा मानसिक रोग विभाग के वार्ड में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि मरीज पहले से ही इलाज करा रहा था। वह टहलते हुए वार्ड से बाहर निकल गया था।
वीडियो डिलीट कराने का आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब वीडियो की जानकारी सामने आई। आरोप है कि कुछ छात्र वार्ड तक पहुंच गए। उन्होंने स्टाफ नर्स पर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्टाफ और छात्रों के बीच बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को दखल देना पड़ा।
प्रशासन ने शांत कराया मामला
सूचना मिलने पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाया। किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया। कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी ली। फिलहाल माहौल सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि अभी तक कोई लिखित एप्लीकेशन नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि एप्लीकेशन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मानसिक रोगियों की निगरानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। साथ ही छात्रों के व्यवहार पर भी सवाल खड़े हुए हैं। एक बीमार व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना ने सभी को चौंका दिया है।
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