निलंबित बीएसए दिल्ली से गिरफ्तार: शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में चार महीने से थी फरार, 25 हजार रुपये का इनाम घोषित

गोरखपुर|2 घंटे पहले
शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में चार महीने से थी फरार, 25 हजार रुपये का इनाम घोषित

शहर के चर्चित शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में नामजद निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव आखिरकार गिरफ्तार हो गई हैं। वह इस प्रकरण के बाद से लंबे समय से फरार चल रही थीं। गुलरिहा थाना पुलिस ने दिल्ली में दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। शालिनी श्रीवास्तव के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी था। उनकी गिरफ्तारी पर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया में जुट गई है। हालांकि इस मामले का दूसरा प्रमुख आरोपी निलंबित लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शालिनी श्रीवास्तव केस दर्ज होने के बाद से लगातार ठिकाने बदल रही थीं और जांच एजेंसियों को चकमा दे रही थीं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को उनकी लोकेशन दिल्ली में मिली। इसके बाद विशेष टीम ने वहां पहुंचकर उन्हें अरेस्ट कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और फरार आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

रिश्वत और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों से जुड़ा है मामला

यह मामला 21 फरवरी 2026 को सामने आया था, जब कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र स्थित अपने बड़े भाई के घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन और नियुक्ति बहाली के नाम पर तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि शिक्षकों ने गहने गिरवी रखकर और कर्ज लेकर रकम की व्यवस्था की। लेकिन इसके बावजूद उनसे लगातार धन की मांग की जाती रही और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

सुसाइड नोट ने बढ़ाई थी आरोपियों की मुश्किलें

पुलिस जांच के दौरान मृतक शिक्षक की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इस नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने अपनी मौत के लिए तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 20 फरवरी को उन्हें बीएसए कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया। इससे वह मानसिक रूप से टूट गए थे। सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे। इस प्रकरण में पहले ही पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को अरेस्ट कर जेल भेजा जा चुका है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि शालिनी श्रीवास्तव से पूछताछ की जा रही है। फरार लिपिक की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।

नव्य जागरण

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