गोरखपुर में गीडा उद्यमियों को मिलेगी जल्द सीधी निकासी: 10 दिन में बनेगा एग्जिट रूट, डीएम ने उपायुक्त उद्योग को लगाई फटकार

शहर में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित जिला उद्योग बंधु की बैठक में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के उद्यमियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में अहम फैसला लिया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गीडा के सेक्टर-13 और सेक्टर-15 के लिए नए एग्जिट रूट पर सहमति दे दी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि स्लिप रोड का निर्माण 10 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद उद्यमियों और आम लोगों को कालेसर जीरो प्वाइंट से सीधे निकासी की सुविधा मिल सकेगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों में लापरवाही पर उपायुक्त उद्योग को कड़ी फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए।
गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कालेसर से सहजनवा चौराहे के बीच कोई कट नहीं होने से गीडा के सेक्टर-13 और सेक्टर-15 में संचालित उद्योगों के सामने लंबे समय से आवागमन की समस्या बनी हुई थी। उद्यमी गोरखपुर की ओर से तो आसानी से अपनी इकाइयों तक पहुंच जाते थे, लेकिन लौटते समय उन्हें या तो विपरीत दिशा में वाहन चलाना पड़ता था या करीब छह किलोमीटर दूर जाकर यू-टर्न लेना पड़ता था। इसी समस्या को लेकर उद्यमी लगातार एग्जिट रूट की मांग कर रहे थे। बैठक शुरू होते ही यह मुद्दा उठाया गया। जिलाधिकारी ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और दूरभाष पर बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
जल्द शुरू होगा निर्माण
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आर.एन. सिंह ने बताया कि गीडा सेक्टर-13 से कालेसर गोलचक्कर तक जाने वाली स्लिप रोड की डिजाइन में संशोधन किया जाएगा। इस प्रस्ताव को एनएचएआई की रोड सेफ्टी टीम से मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण पूरा होने के बाद उद्यमियों को सुरक्षित और सुगम निकासी का रास्ता मिल जाएगा। बैठक में उद्यमियों ने गीडा में बिजली निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) का पद लंबे समय से रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र तैनाती के निर्देश दिए। बैठक में आकाश जालान, संगीता पांडेय और भोला जायसवाल समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
दो बैठकों के समय पर जताई नाराजगी
बैठक में पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सभागार में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी देख कारण पूछा। जानकारी मिली कि उसी समय दूसरी बैठक भी निर्धारित थी। एक ही समय पर दो बैठकों का आयोजन किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और उपायुक्त उद्योग को फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। इसके बाद विकास भवन सभागार में आयोजित जिला व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों की समस्याएं सुनी गईं और नगर निगम से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









