तेज बारिश से जलमग्न हुआ शहर: सड़कों पर जलभराव, राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानी

गोरखपुर|04 मई 2026
सड़कों पर जलभराव, राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानी

शहर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत जरूर मिली। तापमान में गिरावट आई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक सुखद नहीं रह सकी। बारिश के साथ ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों और कॉलोनियों तक पानी भर गया। जगह-जगह सड़कें तालाब जैसी दिखने लगीं। लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में हालात ऐसे रहे कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।

तेज बारिश के बाद शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। छोटे वाहन पानी में फंसते नजर आए। तारामंडल के सिद्धार्थपुरम एरिया में दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। सड़क पर जमा पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे। इससे हादसे का खतरा भी बढ़ गया। लोग धीरे-धीरे और सावधानी से निकलते दिखे। बारिश रुकने के बाद भी काफी देर तक पानी सड़कों पर जमा रहा, जिससे समस्या और बढ़ गई।

छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा दिक्कत

बारिश का सबसे ज्यादा असर छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई बच्चे भीगते हुए अपने गंतव्य जगह तक पहुंचे। डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर परीक्षा देकर निकल रहे विद्यार्थी भी बारिश में फंस गए। उन्हें भीगते हुए घर लौटना पड़ा। ऑफिस जाने वाले लोगों को भी देर हुई। कई लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके। सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित रहा। बसों और ऑटो की रफ्तार धीमी हो गई। इससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ा।

जलनिकासी व्यवस्था की खुली पोल

बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर नजर आई। नालियां ओवरफ्लो हो गईं। पानी की निकासी नहीं हो पाई। नतीजा यह हुआ कि सड़कों पर लंबे समय तक पानी जमा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है। समस्या पुरानी है, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा। अधिकारियों के दावे हर बार फेल होते नजर आते हैं। लोगों में इसको लेकर नाराजगी भी दिखी।

स्थायी समाधान की मांग

इलाके के निवासियों ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बारिश के मौसम से पहले तैयारी होनी चाहिए थी। नालों की सफाई समय पर नहीं की गई। जलनिकासी सिस्टम को मजबूत नहीं किया गया। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर जलमग्न हो जाता है। लोगों ने मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। हर साल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है।

नव्य जागरण

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