सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन पर कमिश्नर सख्त: तीन अधिकारियों को नोटिस जारी, फ्लैगशिप योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी

गोरखपुर|29 अप्रैल 2026
तीन अधिकारियों को नोटिस जारी, फ्लैगशिप योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी

मंडल में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की धीमी प्रगति पर कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों पर उन्होंने नाराजगी जताई। समीक्षा बैठक के दौरान पीओ यूपीनेडा, जिला कार्यक्रम अधिकारी और उपायुक्त उद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कमिश्नर डैशबोर्ड पर प्रदर्शित ग्रेड और रैंकिंग के आधार पर मंडल के सभी जिलों में चल रहे विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा कर रहे थे। बैठक में साफ संकेत दिए गए कि अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर विभाग को तय लक्ष्य के अनुसार काम करना होगा।

समीक्षा के दौरान कई प्रमुख योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, फैमिली आईडी और गोरखपुर की खराब रैंकिंग पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। इसके साथ ही आईसीडीएस पोषण अभियान और सीएम युवा उद्यमी अभियान में भी संतोषजनक प्रदर्शन नहीं मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि ये योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं और इनमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिले अपनी रैंकिंग को लगातार बेहतर करने के लिए ठोस रणनीति बनाएं और उसे जमीन पर लागू करें।

जिलाधिकारियों और सीडीओ को सख्त निर्देश

बैठक में मंडल के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। उन्हें कहा गया कि जनपद में सभी विभागों के कार्यों और योजनाओं में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। हर योजना की नियमित मॉनिटरिंग हो। फील्ड लेवल पर समीक्षा तेज की जाए। कमिश्नर ने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारी योजनाओं की प्रगति का लगातार विश्लेषण करें और जहां कमी हो उसे तुरंत सुधारें। अच्छी रैंकिंग पाने वाली योजनाओं का प्रदर्शन भी लगातार बनाए रखना जरूरी बताया गया।

कई योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की आंकड़ों के साथ विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें पीएम सूर्य घर योजना, दशमोत्तर छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान शामिल रहे। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, जल जीवन मिशन, एकीकृत बागवानी मिशन और फैमिली कार्ड जैसी योजनाओं की भी स्थिति पर चर्चा हुई। सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली गई और कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।

छात्रवृत्ति और पेंशन मामलों में तेजी लाने के निर्देश

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने लंबित आवेदनों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। दिव्यांग पेंशन और प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में भी तेजी लाने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिजली व्यवस्था पर फोकस

जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि जहां भी तकनीकी या कार्यगत समस्या हो, उसे तुरंत ठीक किया जाए। शिकायतों की गुंजाइश खत्म की जाए। सेतु निगम के निर्माण कार्यों में भौतिक और वित्तीय प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया। लोक निर्माण विभाग को नई सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश मिला।

बिजली विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। खराब ट्रांसफार्मर समय सीमा में बदले जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि बिजली व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही जनता के लिए बड़ी समस्या बन सकती है।

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