गोरखपुर में सीएम योगी का बड़ा कार्यक्रम: शिक्षामित्रों को सम्मान, 18 हजार वेतन के चेक बांटे, रवि किशन पर लिया हल्का-फुल्का मजाक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में हुआ। यहां उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षामित्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बढ़े हुए वेतन की धनराशि के चेक वितरित किए गए। पहले शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपए मानदेय मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रति माह कर दिया गया है। यह फैसला लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करता है। सरकार ने इसे अप्रैल महीने से लागू कर दिया है। इससे करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को सीधा फायदा मिलेगा। कार्यक्रम में शिक्षामित्रों के चेहरे पर संतोष और उत्साह साफ दिखा।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन पर हल्का-फुल्का मजाक भी किया। उन्होंने बताया कि रवि किशन उनसे मिले और बोले कि उन्हें पीएचडी की उपाधि मिली है। इस पर सीएम ने कहा कि यह मानद उपाधि है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि इसे लेकर नौकरी नहीं मिलती। केवल इसे घर में टांगा जा सकता है। अगर कोई इसे लेकर डॉक्टर बन जाए तो क्या होगा। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े। रवि किशन ने भी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन किया।

71 विकास परियोजनाओं की सौगात
सीएम योगी ने गोरखपुर को बड़ी विकास सौगात भी दी। उन्होंने 71 परियोजनाओं का ऐलान किया। इनमें 26 परियोजनाओं का लोकार्पण और 45 का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं पर करीब 612 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। सभी परियोजनाएं गोरखपुर विकास प्राधिकरण से जुड़ी हैं। इनसे शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
2017 से पहले और अब का गोरखपुर
सीएम ने अपने संबोधन में पुराने और नए गोरखपुर की तुलना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शहर माफिया और मच्छरों से परेशान था। लोग यहां निवेश करने से डरते थे। युवाओं को पहचान छुपानी पड़ती थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गीडा में 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। फर्टिलाइजर प्लांट, चीनी मिल, होटल, जू और आयुष विश्वविद्यालय जैसे प्रोजेक्ट शहर की नई पहचान बने हैं।

टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण
सीएम योगी ने तारामंडल क्षेत्र में बने टू-लेन ब्रिज का उद्घाटन भी किया। यह पुल वसुंधरा एंक्लेव के दो हिस्सों को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि कभी यह इलाका बाढ़ और गंदगी से प्रभावित था। आज यह शहर का सबसे प्रीमियम क्षेत्र बन चुका है। रामगढ़ताल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां होटल और अन्य सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
शिक्षा पर फोकस और ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य
सीएम योगी ने शिक्षा पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कई बच्चों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। अब यूनिफॉर्म, जूते और किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाएं। बच्चों को स्कूल से जोड़कर रखें। उनका लक्ष्य ड्रॉपआउट रेट को जीरो तक लाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
नागरिकों से अपील और संदेश
कार्यक्रम के अंत में सीएम ने नागरिकों से अपील की। उन्होंने कहा कि शहर की सुविधाओं को नुकसान न पहुंचाएं। सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करें। उन्होंने सफाई और अनुशासन पर भी जोर दिया। साथ ही बच्चों के सामने अच्छे उदाहरण पेश करने की बात कही। उनका संदेश साफ था कि विकास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










