गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी: प्रबुद्ध सम्मेलन में दिखा सियासी और आध्यात्मिक रंग, रविकिशन बोले- कहेंगे तो साइकिल से चल लूंगा

योगी आदित्यनाथ शुक्रवार दोपहर गोरखपुर पहुंचे। शहर पहुंचते ही उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पहुंचे। वहां श्रद्धांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। सीएम के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन पहले से अलर्ट मोड में था। शहर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। दोपहर बाद सीएम प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, डॉक्टर, अधिवक्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहे। सम्मेलन में रवि किशन भी पहुंचे। दोनों नेताओं की मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल राजनीतिक और सांस्कृतिक रंग में दिखा।
सम्मेलन के दौरान सांसद रवि किशन ने सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने सीएम से काफिला छोटा नहीं करने की अपील की। रवि किशन ने हल्के अंदाज में कहा कि जरूरत पड़ी तो वह साइकिल से चल लेंगे। उनके बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भी मंच से चुटीला जवाब दिया। सीएम योगी ने कहा कि मंच पर आते ही कूलर और एसी बंद हो गए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि रवि किशन को देखकर सब बंद हो गया। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम स्थल में ठहाके गूंज उठे। दोनों नेताओं के बीच हल्की नोकझोंक चर्चा का विषय बनी रही।
कोरोना प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार की तारीफ
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बनकर आया था। इसके बावजूद भारत ने बेहतर प्रबंधन करके दुनिया को उदाहरण दिया। सीएम ने कहा कि अमेरिका जैसे देशों के पास बेहतर संसाधन थे। वहां आधुनिक अस्पताल और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद था। इसके बावजूद कोरोना से मौतों का आंकड़ा काफी ज्यादा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास संसाधनों की सीमाएं थीं। फिर भी देश ने प्रभावी तरीके से महामारी से मुकाबला किया। उन्होंने मुफ्त राशन और मुफ्त वैक्सीन योजना का उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश मजबूती से आगे बढ़ा।
मातृभूमि और संस्कृति पर दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मां और मातृभूमि से बढ़कर कुछ नहीं होता। भगवान राम का संदेश आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को संतुलन बनाए रखना चाहिए। सफलता मिलने पर अहंकार नहीं होना चाहिए। वहीं कठिन समय में निराशा भी नहीं होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि यही सोच भारत को आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। आज भारत की प्रगति वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लेकिन जब कोई देश तेजी से आगे बढ़ता है, तब चुनौतियां भी सामने आती हैं।
भारत की प्राचीन सभ्यता पर बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी ने भारत की प्राचीन सभ्यता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में शामिल है। यहां हजारों वर्षों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। सीएम ने कहा कि दुनिया के कई देश अंधकार में थे। उस दौर में भी भारत ज्ञान और संस्कृति का केंद्र था। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी बौद्धिक संपदा दुनिया के कल्याण के लिए उपयोग की। देश ने कभी विस्तारवाद की नीति नहीं अपनाई। भारत ने हमेशा “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध वर्ग को समाज का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक, डॉक्टर और अधिवक्ता समाज को नई दिशा देते हैं। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने की भी चर्चा रही। शहर में उनके दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल पूरे दिन बनी रही।
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