ठंडी हवाओं से बदला मौसम: हल्की बारिश की संभावना, जुलाई की शुरुआत में मानसून के आसार

शहर में रविवार को मौसम का मिजाज बदला नजर आया। देर रात हुई बारिश के बाद सुबह से आसमान पर बादलों का डेरा रहा। तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। 30 जून के बाद मानसून पहुंचने पर यह पिछले 12 वर्षों में सबसे देरी से आने वाला मानसून होगा।
शनिवार देर रात हुई बारिश के बाद रविवार सुबह से ही शहर में मौसम सुहावना बना रहा। आसमान में घने बादल छाए रहे और 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलती रहीं। तेज धूप नहीं निकलने से लोगों ने गर्मी और उमस से राहत महसूस की। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। शाम तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना भी जताई गई है।
शहर में 20 से 26 जून के बीच आता है मानसून
इस वर्ष गोरखपुर में मानसून की दस्तक सामान्य समय से देर हो रही है। जून समाप्ति की ओर है, लेकिन अब तक शहर में नियमित मानसूनी बारिश शुरू नहीं हो सकी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून 30 जून के बाद पहुंचने पर यह वर्ष 2014 के बाद सबसे विलंब से आने वाला मानसून होगा। सामान्य तौर पर शहर में मानसून 20 से 26 जून के बीच पहुंच जाता है। पिछले वर्षों में 2025 और 2024 में 20 जून, 2023 में 23 जून, 2022 में 18 जून तथा 2021 में 17 जून को मानसून आ चुका था। इस बार हो रही देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून फिलहाल बिहार के मोतिहारी के आसपास रुका हुआ है। इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हवाओं की आवश्यकता है। लेकिन फिलहाल परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में नमी लगातार बढ़ रही है। इससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। विभाग का अनुमान है कि एक या दो जुलाई से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। इससे जहां लोगों को उमस से राहत मिलेगी। वहीं, धान की रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल हवा में अधिक नमी होने से दिन और रात दोनों समय उमस बनी हुई है तथा कूलर और पंखे भी अपेक्षित राहत नहीं दे पा रहे हैं।
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