ट्रम्प की ईरान को चेतावनी: अमेरिका ने 10 सैन्य ठिकानों पर की कार्रवाई, ईरान ने फिफ्थ फ्लीट बेस पर मिसाइल-ड्रोन से किया हमला

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने अपना रवैया नहीं बदला तो उसके अस्तित्व पर संकट आ सकता है। दूसरी ओर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान के जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया में हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान अब भी नहीं सुधरा है और यदि हालात नहीं बदले तो अमेरिका उस सैन्य अभियान को पूरा करने से पीछे नहीं हटेगा। इसकी शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार यह कार्रवाई 'एम/टी किकु' नामक तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। कुवैत ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। कुवैती विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बहाली के प्रयासों को कमजोर करती है।
दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। संगठन का कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को कमजोर नहीं कर सकती। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करार दिया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने वादों और प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं कर रहा है तथा उसके ताजा हमले दोनों देशों के बीच बने समझौते की भावना के विपरीत हैं। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों और तीखे बयानों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
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