कराची में पैरामिलिट्री मुख्यालय पर हमला: 90 मिनट चली मुठभेड़ में 6 हमलावर ढेर, ग्रेनेड और फायरिंग से दहला इलाका

पाकिस्तान के कराची में सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री मुख्यालय पर आतंकियों ने बड़ा हमला किया। हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। वहीं, जवाबी कार्रवाई में छह आतंकी मार गिराए गए और एक घायल आतंकी को अरेस्ट कर लिया गया। प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर क्षेत्र में आतंकियों ने सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर को निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर वाहन से मुख्य द्वार तोड़ते हुए परिसर में दाखिल हुए और प्रवेश करते ही हैंड ग्रेनेड फेंकने के साथ अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लगातार विस्फोटों और गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लगभग 90 मिनट तक चली मुठभेड़ के बाद स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट, एंटी टेररिस्ट फोर्स और रेंजर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर छह आतंकियों को मार गिराया। वहीं, एक हमलावर घायल अवस्था में अरेस्ट कर लिया गया। इस दौरान चार रेंजर्स जवानों की भी जान चली गई।
जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमलावर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के धड़े जमात-उल-अहरार से जुड़े थे। संगठन ने हमले की जिम्मेदारी भी स्वीकार की है। यह संगठन पहले भी खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में नागरिकों, सुरक्षाबलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता रहा है। घटना के बाद पूरे परिसर और आसपास के इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। प्रमुख सड़कों को बंद कर लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई। अभियान के दौरान कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। वहीं, रेस्क्यू-1122 की टीमें राहत कार्य में जुटी रहीं।
सरकार ने मांगी रिपोर्ट
घटना के बाद सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने भी अलग से रिपोर्ट मांगी है। कराची में अक्टूबर 2024 के बाद यह पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में एयरपोर्ट के निकट हुए बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत और 11 लोग घायल हुए थे। वहीं, फरवरी 2023 में कराची पुलिस कार्यालय पर हुए आतंकी हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के अनुसार, मई में देश में 128 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जो अप्रैल के मुकाबले 27 प्रतिशत अधिक हैं। सबसे अधिक घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में दर्ज की गईं।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









