उन्नाव में बंदी की मौत पर हंगामा: बॉडी रखकर किया था सड़क जाम, 40-50 अज्ञात पर केस दर्ज

उन्नाव जिला अस्पताल में बंदी की मौत के बाद हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि मृतक के परिजनों और समर्थकों ने बॉडी को अस्पताल के मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इससे एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कोतवाली पुलिस के अनुसार घटना 24 जून की दोपहर की है। उपनिरीक्षक अंजनी सिंह पुलिस टीम के साथ जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान जिला कारागार से बंदी शफीक, पुत्र मुन्ना निवासी नुरुल्लानगर थाना आसीवन, को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन और समर्थक अस्पताल पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने बॉडी को स्ट्रेचर सहित अस्पताल के गेट नंबर-दो के सामने मुख्य सड़क पर रख दिया। अपने वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान
सड़क जाम होने से अस्पताल आने-जाने वाली एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही रुक गई। कई मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल पहुंचने और वहां से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मौके पर लंबा जाम लग गया और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद मार्ग खाली कराकर यातायात सामान्य कराया। उपनिरीक्षक अंजनी सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ जाम लगाने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
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