जीडीए ने 9 भवनों का किया निरीक्षण: 8 बिना नक्शे के मिले, सभी को थमाया शो-कॉज नोटिस

गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नौ भवनों का निरीक्षण किया। इनमें आठ भवन बिना स्वीकृत मानचित्र के संचालित मिले। वहीं, केवल एक भवन में अग्निशमन यंत्र स्थापित पाया गया। सभी भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
शुक्रवार को सात भवनों को सील करने के बाद जीडीए की टीमों ने राप्तीनगर, खजांची चौराहा, विकास नगर, राजेंद्र नगर, मेडिकल कॉलेज के पीछे, बशारतपुर, नकहां, राजघाट, रानीडीहा, सिक्टौर, महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-1 और बिलंदपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। जांच के दौरान कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े नौ भवनों की जांच हुई। इनमें केवल एक भवन का मानचित्र स्वीकृत मिला, लेकिन भवन स्वामी मौके पर उसकी प्रति भी प्रस्तुत नहीं कर सका। शेष आठ भवन बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित पाए गए। नौ में से सिर्फ एक भवन में अग्निशमन यंत्र लगा मिला। वहीं, उसमें भी ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं था। बाकी आठ भवनों में अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
जीडीए उपाध्यक्ष ने की अपील
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जीडीए ने 23, 24, 25 जून एवं 27 जून को विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कमियां मिलने पर अब तक 90 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों से मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वीकृत मानचित्र, अग्निशमन एनओसी और अन्य आवश्यक अभिलेख प्रदर्शित करने की अपील की। इससे निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होगी। यह काम पूरी तरह पारदर्शी और सुगम ढंग से किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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