डीडीयू में नेट/जेआरएफ कोचिंग शुरू: 1595 छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन, डेढ़ महीने तक चलेंगी क्लासेज

जून में होने वाली यूजीसी नेट और जेआरएफ परीक्षा की तैयारी के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कोचिंग क्लासेज शुरू हो गई हैं। इस बार 1595 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बड़ी संख्या में छात्र इन कक्षाओं का लाभ उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह पहल छात्रों को बेहतर तैयारी का प्लेटफॉर्म देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
यह कोचिंग पीएम-उषा के इक्विटी इनिशिएटिव के तहत शुरू की गई है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में स्थापित नेट लर्निंग सेंटर के माध्यम से क्लासेज संचालित की जा रही हैं। यह कोर्स लगभग डेढ़ महीने तक चलेगा। परीक्षा को देखते हुए यह समय छात्रों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
कई विभागों के छात्र ले रहे हिस्सा
इस बार रजिस्टर्ड छात्रों में कई विषयों के अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें फिजिक्स, डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज, बॉटनी, बायोटेक्नोलॉजी, सोशियोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, इकोनॉमिक्स, फाइन आर्ट्स एंड म्यूजिक, कॉमर्स, हिंदी, इंग्लिश और एजुकेशन जैसे विभाग प्रमुख हैं। इससे साफ है कि कोचिंग का दायरा व्यापक है और इसका असर विश्वविद्यालय के अलग-अलग अकादमिक सेक्शन तक पहुंच रहा है।
केंद्र से मिला 67 लाख का फंड
इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक सहायता भी दी है। पिछले और इस वर्ष को मिलाकर करीब 67 लाख रुपये का फंड उपलब्ध कराया गया है। यह राशि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर देने के लिए खर्च की जा रही है। सरकार का मकसद है कि उच्च शिक्षा में समान अवसर मिले और आर्थिक या संसाधन की कमी किसी छात्र की राह न रोके।
एक्सपर्ट्स देंगे स्पेशल गाइडेंस
नियमित कक्षाओं के अलावा विषय विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों के विशेष व्याख्यान भी होंगे। इन सेशंस में परीक्षा की रणनीति समझाई जाएगी। समय प्रबंधन पर फोकस रहेगा। पुराने प्रश्नपत्रों का विश्लेषण कराया जाएगा। साथ ही उत्तर लेखन की तकनीक भी बताई जाएगी। छात्रों के लिए यह गाइडेंस सीधे परीक्षा में उपयोगी साबित हो सकती है।
हर साल 300 से ज्यादा छात्रों को सफलता
विश्वविद्यालय का दावा है कि इस कोचिंग मॉडल के परिणाम पहले भी अच्छे रहे हैं। हर बार यूजीसी नेट और सीएसआईआर नेट के रिजल्ट में 300 से अधिक छात्र सफल होते रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने नेट और जेआरएफ क्वालिफाई किया है। यही वजह है कि इस बार भी रजिस्ट्रेशन संख्या काफी ज्यादा रही।
कुलपति ने छात्रों को दिया संदेश
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल को प्रभावशाली बताया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल और जरूरी संसाधन देने के लिए लगातार काम कर रहा है। उनका कहना है कि नेट और जेआरएफ जैसी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, नियमित अध्ययन और फोकस जरूरी है।
प्रशासन ने तेज की तैयारियां
डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि कुलपति के निर्देश पर सभी संबंधित विभागों ने तैयारी तेज कर दी है। कक्षाओं के संचालन से जुड़ी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। छात्रों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
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