टूटे नल, सूखी टोटियां, कैसे बुझेगी प्यास: गोरखपुर के बस अड्डों पर जा रहे हैं तो पानी की बोतल साथ ले जाएं, यहां नहीं हैं पर्याप्त इंतजाम

मार्च का महीना अब समाप्त होने वाला है। इसबीच मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। दोपहर की प्रचंड धूप में हर कोई ठंडे पानी की तलाश में रहता है। लेकिन अगर आप गोरखपुर के बस अड्डे से कहीं जाने के लिए बस पकड़ने जा रहे हैं तो पानी की बोतल घर से ही ले जाएं। वर्ना आपको प्यासे रहकर ही अपनी यात्रा करनी पड़ सकती है। क्योंकि कचहरी बस अड्डे व रेलवे बस अड्डे दोनों जगह पीने के पानी का उचित इंतजाम नहीं है। लगातार पब्लिक से मिल रही शिकायतों के बीच नव्य जागरण की टीम ने मंगलवार को इन बस अड्डों की पड़ताल की तो कई असुविधाएं सामने आईं।
रेलवे बस अड्डे पर नहीं लगा है शेड
सिटी के रेलवे बस अड्डे पर तो शेड भी नहीं लगा है। यहां ठंडी, गर्मी, बरसात हर मौसम की मार यात्रियों को झेलनी पड़ती है। हालात ये हैं कि बस में यात्रा करने के लिए लोगों को घंटों धूप में खड़े रहना पड़ता है। यहां यात्रियों के लिए टोंटी से पेयजल की व्यवस्था की गई है। लेकिन ज्यादातर समय यह टोटियां सूखी ही रहती हैं। जब पानी आता भी है तो उसकी शुद्धता का कुछ पता नहीं रहता। टोटी के आस-पास गंदगी कुछ ऐसी फैली रहती है कि यहां खड़ा रहना मुश्किल हो जाता है।
टूटे पड़े हैं दोनों नल
कचहरी बस अड्डे की हालत तो और ज्यादा दयनीय है। यहां लगे दोनों इंडिया मार्का नल टूटे पड़े हैं। वहीं, पेयजल के लिए लगाई गई टोटियां टूटी पड़ी हैं। गनीमत बस इतनी है कि एक निजी संस्था की ओर से लगाए गए आरओ प्लांट में यात्रियों को कुछ जल मिल जाता है। हालांकि यह डेली फुटफाल के मुकाबले काफी कम है। इस संबंध में आरएम लव कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बस अड्डे का निर्माण कार्य जल्द शुरु होने वाला है। उसके बाद हालात सही हो जाएंगे। कचहरी बस अड्डे की टोटियों को ठीक कराया जा रहा है।
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