कूड़े का पहाड़ नहीं, अब पिकनिक स्पॉट होगा एकला बंधा: नगर निगम ने लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाया सिटी फॉरेस्ट, नदी किनारे होता है मनोरम एहसास

गोरखपुर|10 अप्रैल 2026
नगर निगम ने लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाया सिटी फॉरेस्ट, नदी किनारे होता है मनोरम एहसास

कूड़े का पहाड़ बन चुके जिस एकला बंधे को पर्यावरण के लिए खतरा मानते हुए एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने तीन करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की तैयारी की थी, वही स्थान अब शहर के नए पिकनिक स्पॉट के रूप में नजर आने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गोरखपुर नगर निगम ने न केवल एकला बंधे के विशाल लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) का निस्तारण कर दिया बल्कि यहां सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क विकसित कर इसे एक तरह का खूबसूरत राप्ती रिवर व्यू स्पॉट बना दिया है। नगर निगम ने अपने इस कदम से एनजीटी को दिए जाने वाले जुर्माने से भी राहत पा ली।

वर्षों से कूड़े के ढेर और बदबू के लिए पहचाने जाने वाले एकला बंधे की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी यहां कचरे का पहाड़ हुआ करता था, लेकिन आज यहां हरियाली की चादर बिछी है और यह स्थान एक शानदार पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव एकला बंधे के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए बताते हैं कि सीएम योगी के 'स्वच्छ गोरखपुर-सुंदर गोरखपुर' के संकल्प को नगर निगम ने धरातल पर उतारते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। महापौर का कहना है कि एकला बंधे के कायाकल्प का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका लोकार्पण कराया जाएगा।

तीन लाख टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण

अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा का कहना है कि नगर निगम गोरखपुर ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए एकला बांध पर जमा करीब तीन लाख टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक पद्धति से पूर्ण निस्तारण कर दिया है। कचरा हटने के बाद इस खाली हुई भूमि को 'सिटी फॉरेस्ट' और ईको पार्क के रूप में विकसित किया गया है। उनका मानना है कि एकला बांध अब न केवल शहरवासियों को शुद्ध हवा देगा, बल्कि मनोरंजन का भी बड़ा केंद्र बनेगा। यहां वाकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां लोग मॉर्निंग और इवनिंग वाक कर सकेंगे। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान हैं। बच्चों के लिए भी सुरक्षित किड्स जोन का विकास किया गया है। एकला बंधे की सड़क को भी नगर निगम ने नवनिर्माण कर चमका दिया है। एकला बांध के कायाकल्प पर अब तक करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मियावाकी पद्धति से बनाया सिटी फॉरेस्ट

राप्ती नदी के किनारे होने के कारण यहां से विहंगम दृश्य दिखाई देता है। कूड़ा निस्तारण के बाद खाली हुई भूमि पर नगर निगम ने मियावाकी पद्धति से सिटी फॉरेस्ट का विकास किया है। साथ ही ईको पार्क के रूप में यहां बच्चों के स्वस्थ मनोरंजन के लिए भी कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। खाली हुई जमीन के एक हिस्से पर तालाब बनवाया गया है जहां पैडल बोट का आनंद भी उठाया जा सकेगा। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के मुताबिक एकला बांध लिगेसी वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना का उद्देश्य न केवल गंदगी को साफ करना था, बल्कि शहर को एक ऐसा लैंडमार्क देना था जहां लोग परिवार के साथ समय बिता सकें। एकला बंधे का यह कायाकल्प 'वेस्ट टू वेल्थ' और 'ईको-टूरिज्म' का शानदार उदाहरण बना है।

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