यूपी का पहला मॉडल फोरलेन मार्ग गोरखपुर में बनकर तैयार : सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन, 690 करोड़ की लागत से बना यह सड़क मार्ग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में विकास की रफ्तार अब बुलेट ट्रेन की तरह दौड़ रही है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे गोरखपुर को अब एक और शानदार सौगात मिलने जा रही है। भटहट से बांसस्थान तक जाने वाला करीब 12 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है, जो न केवल सड़क संपर्क को सुधारेगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी मील का पत्थर साबित होगा।
इसी मार्ग पर उत्तर प्रदेश का पहला महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय स्थित है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरा है। योगी सरकार की इस दूरदर्शी परियोजना का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले मरीजों और स्थानीय निवासियों के लिए आयुष चिकित्सा तक पहुंच को बेहद सुगम और सरल बनाना है। 690 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से निर्मित यह सड़क अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर गाड़ियां फर्राटा भरती नजर आएंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई संजीवनी मिलने वाली है।
गोरखपुर के विकास को लगे पंख, आयुष यूनिवर्सिटी की राह हुई आसान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी प्रोजेक्ट्स में शामिल महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचने का रास्ता अब बाधा रहित हो गया है। गोरखपुर के भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किलोमीटर की लंबाई में बन रहे इस फोरलेन मार्ग ने इलाके की तस्वीर बदल दी है। लोक निर्माण विभाग खंड तीन की देखरेख में चल रहा यह कार्य अब अपनी पूर्णता की ओर है।
98 प्रतिशत काम पूरा, इसी माह लोकार्पण की तैयारी
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस फोरलेन सड़क परियोजना पर काम 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। मात्र तीन साल से भी कम समय में इस जटिल परियोजना का 98 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में केवल 300 मीटर का हिस्सा शेष है, जिसे इसी महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। सड़क के बीच में सुंदर डिवाइडर बनाए गए हैं और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण का कार्य भी अंतिम चरण में है।
मॉडल रोड के रूप में स्थापित होगी यह सड़क
यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक 'मॉडल रोड' है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर आधुनिक ड्रेनेज (जल निकासी) व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। करीब 689.35 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई इस सड़क की गुणवत्ता और फिनिशिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। रात के समय सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि यह फोरलेन न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी आयुष पद्धतियों को आम जन तक पहुंचाने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगा। आयुष विश्वविद्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज ओपीडी और अन्य परामर्श के लिए आते हैं। पहले संकरी सड़क के कारण मरीजों को एम्बुलेंस या निजी वाहनों से पहुंचने में काफी समय लगता था, लेकिन अब फोरलेन बनने से समय की बचत होगी और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए ये एक बड़ा गेम-चेंजर
गोरखपुर के साथ-साथ कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और नेपाल सीमा से सटे इलाकों के मरीजों के लिए यह कनेक्टिविटी किसी वरदान से कम नहीं है। आयुष विश्वविद्यालय के कैंपस में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शोध कार्य भी हो रहे हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं और विशेषज्ञों के लिए भी यह सुगम मार्ग बेहद मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे भव्य उद्घाटन
स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्था पूरी कोशिश कर रही है कि अप्रैल माह के अंत तक सभी फिनिशिंग टच दे दिए जाएं। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं अपने हाथों से इस मॉडल फोरलेन मार्ग का लोकार्पण करेंगे।
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