फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर ने लगाया हाईटेक पौधा: अब पौधों का भी होगा ‘आधार कार्ड’, डिजिटल पहचान से होगी हरियाली की निगरानी

गोरखपुर|1 घंटा पहले
अब पौधों का भी होगा ‘आधार कार्ड’, डिजिटल पहचान से होगी हरियाली की निगरानी

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव और तकनीक आधारित पहल की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के दौरान फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर एवं समाजसेवी आलोक अग्रवाल ने पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। चिड़ियाघर में हुए कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि नवरोपित पौधों को डिजिटल पहचान देने के लिए उनका ‘आधार कार्ड’ बनाया गया है। प्रत्येक पौधे को एक यूनिक ID और QR कोड से जोड़ा गया है। अब इन पौधों की निगरानी, संरक्षण और विकास की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी।

विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पूरे परिसर में पौधरोपण को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। चिड़ियाघर में समाजसेवी आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में आये लोगों ने अलग-अलग प्रकार के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ वातावरण तैयार करने की शपथ ली गई।

प्रेसवार्ता करते फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर आलोक अग्रवाल।
प्रेसवार्ता करते फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर आलोक अग्रवाल।

डिजिटल मॉनिटरिंग से मजबूत होगा संरक्षण अभियान

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के ओनर आलोक अग्रवाल ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन का एक साथ पड़ना बेहद सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप आज चिड़ियाघर और अन्य प्राकृतिक स्थलों का विकास नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए। लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित निगरानी पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। अक्सर पौधे लगा दिए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनकी स्थिति की जानकारी नहीं ली जाती। ऐसे में पौधों को डिजिटल पहचान देने की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे प्रत्येक पौधे का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और उसकी प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल भविष्य में पूरे देश और विश्व स्तर पर अपनाया जा सकता है।

अब पौधों का भी होगा ‘आधार कार्ड’, डिजिटल पहचान से होगी हरियाली की निगरानी

क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी पौधे की पूरी जानकारी

इस नई पहल के तहत प्रत्येक पौधे को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की गई है। जिस प्रकार प्रत्येक नागरिक का आधार कार्ड होता है। उसी प्रकार अब पौधों का भी अपना एक डिजिटल प्रोफाइल होगा। पौधे पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते ही उसकी यूनिक आईडी, प्रजाति, रोपण तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी सामने आ जाएगी। उन्होंने बताया कि समय-समय पर पौधों की तस्वीरें और विकास संबंधी विवरण भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़े जाएंगे। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि एक वर्ष या उससे अधिक समय में पौधे की वृद्धि कितनी हुई है। उसकी देखभाल किस स्तर पर हो रही है। इस व्यवस्था से पौधरोपण अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ेगी और संरक्षण कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी।

हरियाली को तकनीक से जोड़ने की नई शुरुआत

पर्यावरण संरक्षण को तकनीक के साथ जोड़ने की यह पहल भविष्य में हरित अभियानों को नई दिशा दे सकती है। डिजिटल मॉनिटरिंग, क्यूआर कोड और यूनिक आईडी जैसी व्यवस्थाएं न केवल पौधों के संरक्षण को आसान बनाएंगी। साथ ही लोगों की जवाबदेही भी सुनिश्चित करेंगी। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू हुई यह अभिनव पहल गोरखपुर से निकलकर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

अपडेट्स

1 घंटा पहले

रेडक्रॉस ने दिलाया हरियाली का संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 26वीं वाहिनी पीएसी परिसर, बिछिया में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से पौधरोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मार्च पास्ट निकाला गया। परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने पौधरोपण कर हरित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में पीएसी कमांडेंट निहारिका शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। रेडक्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य निगम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने "एक वृक्ष मां के नाम" अभियान को आगे बढ़ाने तथा स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।

 रेडक्रॉस सोसाइटी ने किया पौधरोपण।
रेडक्रॉस सोसाइटी ने किया पौधरोपण।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी: राकेश जैन

विश्व पर्यावरण दिवस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सामाजिक संस्था संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। पर्यावरण संयोजक राकेश जैन ने कहा कि प्रति व्यक्ति पेड़ों की लगातार घटती संख्या चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार देश की कुल भूमि का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र होना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप से सफल बनाने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक किसान परिवार में कम से कम दो गाय रखने की जरूरत पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सीनियर समाजसेविका सुधार मोदी ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है। इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

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