80 लाख की डकैती करने वाले पूरे गिरोह पर गैंगस्टर: मासूम के गले पर तमंचा रखकर की थी लूट, 39 मिनट तक घर में मचाया था आतंक

शहर के एम्स थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त लेखपाल के घर 80 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गिरोह के सरगना डायना समेत सात आरोपितों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। गोरखपुर के अलावा आसपास के कई जिलों में भी यह गिरोह सक्रिय रहा है। पुलिस अब आरोपितों की अवैध संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी है, ताकि जल्द ही कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी की जा सके।
डकैती की यह वारदात पांच जनवरी 2026 की शाम एम्स थाना क्षेत्र स्थित रजही मौर्या चौराहा निवासी सेवानिवृत्त लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर हुई थी। पुलिस के मुताबिक शाम करीब 6:42 बजे दो बाइक पर सवार चार बदमाश घर पहुंचे और गेट की घंटी बजाई। गेट खुलते ही बदमाशों ने सीमेंट के पैसे का बहाना बनाकर बातचीत शुरू की और विरोध करने पर तमंचे की बट से बालेंद्र सिंह पर हमला कर दिया। इसके बाद पिस्टल कनपटी पर सटाकर उन्हें घर के अंदर ले जाया गया।
परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कमरों में किया था बंद
बदमाशों ने बालेंद्र सिंह, उनकी पत्नी ऊषा सिंह, बहू कल्पना सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया था। इसके बाद तीन कमरों की अलमारियों से सोने-चांदी के जेवर और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। वारदात के दौरान बदमाशों की क्रूरता उस समय सामने आई जब एक लाकर की चाबी नहीं मिलने पर उन्होंने डेढ़ साल के मासूम बच्चे के गले पर तमंचा सटा दिया और गोली मारने की धमकी दी। परिवार दहशत में आ गया और लाकर तोड़ने की अनुमति दे दी। बदमाशों ने लाकर तोड़कर उसमें रखे कीमती जेवर भी समेट लिए। करीब 39 मिनट तक घर में आतंक मचाने के बाद आरोपी रात 7:21 बजे मौके से फरार हो गए। जाते समय उन्होंने पुलिस को सूचना देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। हालांकि बदमाशों के निकलते ही बालेंद्र सिंह ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
सीसी फुटेज और सर्विलांस से खुला राज
एम्स थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की। जांच में चिलुआताल के विस्तारनगर गिदहवा निवासी रामरक्षा उर्फ तेजू यादव, भगवानपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू, शाहपुर खरैया पोखरा निवासी अभिषेक चौहान, असुरन पुरानी चुंगी निवासी धनंजय चौहान, रजही टोला निवासी देवेंद्र निषाद उर्फ डायना, महराजगंज निवासी संजय चौहान और संजय विश्वकर्मा के नाम सामने आए है। पुलिस ने सभी आरोपितों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। उनके कब्जे से डकैती का सामान भी बरामद किया है।
दो वर्षों के भीतर यह दूसरा गैंग्स्टर एक्ट का केस दर्ज
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि गिरोह का मुख्य आरोपी देवेंद्र निषाद उर्फ दयानंद उर्फ डायना पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ दो वर्षों के भीतर यह दूसरा गैंग्स्टर एक्ट का केस दर्ज हुआ है। इससे पहले जून 2024 में खोराबार थाने में दर्ज गैंग्स्टर केस में पुलिस ने वर्ष 2025 में उसकी एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। इसके बावजूद आरोपी ने अपने गिरोह के साथ दोबारा बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। वर्तमान में डायना जमानत पर बाहर चल रहा है। वहीं गिरोह के अन्य सदस्य जेल में बंद हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। अब इनके आर्थिक नेटवर्क और अवैध संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में आरोपितों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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