गोरखपुर में सप्लाई संकट बरकरार: 10 लाख से ज्यादा आय वालों की बंद होगी गैस सब्सिडी, उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे अलर्ट मैसेज

रसोई गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड को लेकर परेशानी हुई। अब गैस सब्सिडी को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। तेल कंपनियों ने एलपीजी सब्सिडी पर सख्ती बढ़ा दी है। जिन परिवारों की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उनकी सब्सिडी बंद की जा सकती है। इसके लिए कंपनियां आयकर रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जिन उपभोक्ताओं की आय सीमा से ज्यादा पाई जा रही है, उन्हें मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं। इस फैसले के बाद लाखों उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। दूसरी तरफ गैस सप्लाई की समस्या भी बनी हुई है। गोरखपुर मंडल समेत कई जिलों में सिलिंडर की कमी महसूस की जा रही है। उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।
तेल कंपनियां अब आयकर विभाग के रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। इसके आधार पर सब्सिडी पात्रता तय की जा रही है। जिन परिवारों की कर योग्य आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक है, उन्हें नोटिस जैसा संदेश भेजा जा रहा है। संदेश में कहा जा रहा है कि उनकी गैस सब्सिडी बंद हो सकती है। यदि उपभोक्ता इस फैसले से असहमत हैं, तो उन्हें सात दिन का समय दिया जा रहा है। इस दौरान उपभोक्ता टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंपनियों ने 1800-2333-555 नंबर जारी किया है। इसके अलावा संबंधित तेल कंपनी के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। अगर तय समय के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो सब्सिडी स्वतः बंद की जा सकती है। इस प्रक्रिया ने कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
हर सिलिंडर पर मिल रही करीब 59 रुपये सब्सिडी
प्रदेश में घरेलू गैस सिलिंडर पर फिलहाल सब्सिडी दी जा रही है। 14.2 किलो वाले सिलिंडर पर करीब 59 रुपये की राहत मिलती है। यह फायदा साल में 12 से 13 सिलिंडर तक मिलता है। इसके बाद अतिरिक्त सिलिंडर बाजार कीमत पर दिए जाते हैं। एक उपभोक्ता को अधिकतम 15 सिलिंडर सालभर में मिल सकते हैं। कई वर्षों से यह सब्सिडी व्यवस्था लागू है। हालांकि समय-समय पर राशि में बदलाव होता रहा है। अब सरकार और तेल कंपनियां सब्सिडी को लेकर पात्रता सख्त कर रही हैं। इसका असर मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवारों पर पड़ सकता है। जिन परिवारों में किसी सदस्य की आय ज्यादा है, उन्हें भी दायरे में लाया जा रहा है।
मोतिहारी प्लांट से कम हुई गैस सप्लाई
रसोई गैस की सप्लाई व्यवस्था भी फिलहाल सामान्य नहीं है। बिहार के मोतिहारी स्थित बाटलिंग प्लांट से फिर सप्लाई शुरू हुई है। लेकिन पहले के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत कम सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। इससे एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगह उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि गोरखपुर के गीडा स्थित इंडियन ऑयल प्लांट पर दबाव थोड़ा कम हुआ है। मांग पूरी करने के लिए दूसरे प्लांटों से भी सप्लाई भेजी जा रही है। बस्ती जिले को लखनऊ प्लांट से सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। कई एजेंसियों के पास स्टॉक सीमित बताया जा रहा है।
पिछले महीने अचानक रोक दी गई थी सप्लाई
गोरखपुर मंडल के कई जिलों को पहले मोतिहारी प्लांट से नियमित गैस मिलती थी। देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज की 75 से ज्यादा एजेंसियां इसी सप्लाई पर निर्भर थीं। लेकिन पिछले महीने अचानक सप्लाई रोक दी गई थी। इसके बाद कई जिलों में गैस संकट गहरा गया। उपभोक्ताओं को सिलिंडर बुकिंग के बाद लंबा इंतजार करना पड़ा। कई एजेंसियों में स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन गई थी। अब सप्लाई दोबारा शुरू हुई है, लेकिन कटौती के साथ। ऐसे में लोगों को पूरी राहत नहीं मिल पाई है। एजेंसियां भी सीमित स्टॉक के कारण परेशान हैं। आने वाले दिनों में मांग बढ़ने पर संकट और बढ़ सकता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










