गोरखपुर में GDA ने की बड़ी कार्रवाई: घरों में कमर्शियल काम पर सख्ती; 9 को दिया नोटिस; सुधार न होने पर होगी सीलिंग

गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। लगातार दूसरे दिन हुई जांच में नौ भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर शमन मानचित्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। अनुपालन न होने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए ने आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के मामलों में कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार को देवरिया बाईपास रोड स्थित बुद्ध विहार कॉलोनी में जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान आवासीय मानचित्र पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित पाए जाने पर नौ भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया। प्राधिकरण ने संबंधित भवन स्वामियों को शमन मानचित्र स्वीकृत कराकर भवन का व्यावसायिक उपयोग नियमित कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर भवनों को सील करने की चेतावनी दी गई है।
दो दिन में 19 भवन स्वामियों को नोटिस
प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को भी बुद्ध विहार योजना में ऐसे भवनों की जांच की थी। इनका उपयोग स्वीकृत आवासीय मानचित्र के विपरीत किया जा रहा था। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और हॉस्टलों का भी निरीक्षण किया गया था। सोमवार को 10 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे, जबकि मंगलवार को नौ और नोटिस जारी होने के बाद दो दिनों में नोटिस पाने वालों की संख्या 19 हो गई है।
जारी रहेगा अभियान : GDA उपाध्यक्ष
जीडीए ने स्पष्ट किया है कि आवासीय भू-उपयोग के विपरीत संचालित शोरूम, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और होटलों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि बिना वैध भू-उपयोग परिवर्तन के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने से स्थानीय आधारभूत ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन भी है। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कहा कि अवैध निर्माण, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत उपयोग और भवन मानकों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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