दो निर्दोषों की जान लेने वाले की जमानत खारिज: होली के दिन मचाया था खूनी तांडव, दो लड़कियों के रेप और अपहरण का आरोपी है गोल्डेन साहनी

गोरखपुर में चर्चित गोल्डेन साहनी को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला बेहद गंभीर अपराधों से जुड़ा है। आरोपी पर अपहरण, रेप और दो लोगों को कुचलकर मारने जैसे संगीन आरोप हैं। केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार ने साफ कहा कि अपराध की गंभीरता बहुत ज्यादा है। ऐसे में जमानत देना उचित नहीं है।
यह मामला सिर्फ रोड एक्सीडेंट तक सीमित नहीं है। जांच में एक और सनसनीखेज घटना सामने आई। आरोप है कि ओवरब्रिज हादसे से पहले गोल्डेन साहनी ने दो युवतियों का अपहरण किया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी सहेली के साथ लखनऊ से आई थी। दोनों बाघागाड़ा के एक होटल में रुकी थीं। दोपहर में जैसे ही वे बाहर निकलीं, तभी आरोपी अपनी फॉर्च्यूनर कार से पहुंचा। उसके साथ 4-5 लोग भी थे। जबरन दोनों को गाड़ी में बैठाया गया। उनके साथ छेड़छाड़ की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर उसने पिस्टल निकाल ली। फायरिंग भी की लेकिन निशाना चूक गया। किसी तरह दोनों वहां से भागने में सफल रहीं।

वीडियो वायरल, दिखा दबंगई का अंदाज
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में आरोपी गालियां देता दिख रहा है। वह अपने रसूख का रौब झाड़ता नजर आया। लड़कियां उसका विरोध कर रही थीं। वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने इसे भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
एमबीबीएस छात्र समेत दो की मौत
चार मार्च की रात होली के दिन बड़ा हादसा हुआ था। मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी। इस हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उमेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। आकाश बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्र थे। वह थर्ड ईयर में पढ़ाई कर रहे थे। अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत से परिवार टूट गया।

घटना के बाद पुलिस ने किया अरेस्ट
हादसे के करीब एक घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करके उसे अरेस्ट कर लिया गया। पांच मार्च को उसे जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान एक के बाद एक नए खुलासे होते गए। अपहरण और रेप का मामला सामने आया। इसके बाद केस और मजबूत हो गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास, अपहरण और रेप की धाराएं भी जोड़ीं।

ट्रैफिक नियम तोड़ने का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रैफिक नियमों को लेकर लापरवाह था। उसकी फॉर्च्यूनर कार का 35 बार चालान हो चुका है। इनमें 19 बार ओवरस्पीडिंग, दो बार खतरनाक ड्राइविंग और पांच बार नो पार्किंग के केस शामिल हैं। यह दिखाता है कि उसे नियमों की कोई परवाह नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। सिर्फ चालान से काम नहीं चलता।

राजनीतिक कनेक्शन और सोशल मीडिया एक्टिविटी
आरोपी खुद को एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा बताता था। उसका नाम संजय निषाद के साथ भी जोड़ा जा रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी कई रील और फोटो सामने आई हैं। वह खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख भी बताता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच सिर्फ सबूतों के आधार पर होगी। किसी भी तरह के दबाव में कार्रवाई नहीं की जाएगी।

छात्रों ने निकाला था कैंडल मार्च
इस घटना के बाद गोरखपुर में आक्रोश फैल गया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने इसके विरोध में कैंडल मार्च निकाला था। छात्रों ने मृतक आकाश पांडेय को श्रद्धांजलि देने के साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि मनबढ़ गोल्डेन की लापरवाही और दबंगई से एक होनहार छात्र की जान चली गई।
कोर्ट का सख्त रुख
फिलहाल कोर्ट ने आरोपी गोल्डेन साहनी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अब आरोपी जेल में ही रहेगा। पुलिस अब केस को और मजबूत करने में जुटी है। फॉरेंसिक साक्ष्य, वीडियो और पीड़ितों के बयान को आधार बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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