गोलघर को जाम से राहत दिलाने की तैयारी: प्रशासन का सर्वे, पार्किंग और अतिक्रमण पर सख्ती के संकेत

शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल गोलघर में ट्रैफिक जाम लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में जाम की स्थिति आम हो गई है। अब प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई योजना पर काम शुरू किया गया है। उद्देश्य साफ है। सड़क को खाली रखना और यातायात को स्मूथ बनाना।
ट्रैफिक सुधार के लिए अमित कुमार श्रीवास्तव और अतुल कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से इलाके का सर्वे किया। यह सर्वे कचहरी चौराहे से गोलघर चौराहे तक किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने खासतौर पर पार्किंग व्यवस्था पर फोकस किया। उन्होंने देखा कि किन जगहों पर वाहन खड़े होने से जाम लग रहा है। साथ ही सड़क किनारे लगे ठेले-खोमचे भी जाम की बड़ी वजह पाए गए।
अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग बनी मुख्य वजह
सर्वे में साफ हुआ कि अव्यवस्थित पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। लोग बिना तय जगह के वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है। वहीं नो वेंडर जोन में ठेले-खोमचे भी खड़े पाए गए। इससे ट्रैफिक और बाधित होता है। अधिकारियों ने ऐसे दुकानदारों को हटने के निर्देश दिए। उन्हें वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट होने को कहा गया। प्रशासन का मानना है कि सड़क खाली रहेगी, तभी जाम से राहत मिलेगी।
व्यापारियों ने रखीं अपनी समस्याएं
इस दौरान अभिषेक शाही, नवीन कुमार समेत कई व्यापारी नेता भी मौजूद रहे। व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। उन्होंने पार्किंग की कमी, अतिक्रमण और बढ़ती भीड़ का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इन समस्याओं का समाधान किए बिना ट्रैफिक सुधरना मुश्किल है। अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना।
बैठक में बने कई अहम फैसले
इससे पहले शनिवार को प्रशासन और व्यापारियों के बीच बैठक भी हुई थी। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। व्यापारियों ने अवैध ठेले-खोमचे हटाने की मांग की। साथ ही सीमित संख्या में ई-रिक्शा चलाने का सुझाव दिया। व्हाइट लाइन के अंदर खड़े वाहनों पर चालान न करने की भी मांग रखी गई। इन सभी मुद्दों पर प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया और कई प्रस्तावों पर सहमति जताई।
जल्द दिखेगा असर
अपर नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। दुकानदारों और कर्मचारियों के लिए रियायती पार्किंग पास दिए जाएंगे। व्हाइट लाइन दोबारा बनाई जाएगी। उसी के आधार पर पार्किंग तय होगी। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही पार्किंग से जुड़े सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे। ग्राहकों को पार्किंग टोकन देने की सुविधा पर भी सहमति बनी है।
ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
ट्रैफिक पुलिस ने भी साफ किया कि ई-रिक्शा के लिए अलग जोन बनने तक कुछ दिक्कत बनी रह सकती है। लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था बेहतर होगी। प्रशासन ने कहा कि इस काम में सभी का सहयोग जरूरी है। व्यापारी, आम जनता और प्रशासन मिलकर ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल सकते हैं।
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