गोरखपुर में बिच्छू गैंग का भंडाफोड़: सात बदमाश अरेस्ट, बस-रेलवे स्टेशन पर करते थे चोरी

गोरखपुर|04 मई 2026
सात बदमाश अरेस्ट, बस-रेलवे स्टेशन पर करते थे चोरी

शहर में सक्रिय कुख्यात बिच्छू गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गोरखपुर की कैंट पुलिस ने इस गिरोह के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बसों और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बैग काटकर चोरी करते थे। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और कई जिलों में वारदात कर चुका है।

मामले की शुरुआत 17 अप्रैल की घटना से हुई। सहारनपुर निवासी एक यात्री ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ बस से यात्रा कर रहे थे। उनका ट्रॉली बैग बस में रखा था। यात्रा के दौरान संदिग्ध तरीके से बैग को पीछे रखवाया गया। बाद में उसमें से सामान गायब मिला। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में बिच्छू गैंग का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी सात आरोपियों को पकड़ लिया।

बरामदगी में मिले कई औजार

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। इनमें 15 सेफ्टी पिन, 10 फोल्डिंग चाकू, 10 छोटी कैंची, एक साड़ी और चार हजार रुपये नकद शामिल हैं। ये सभी औजार बैग काटने और चोरी करने में इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस का कहना है कि ये गैंग बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम करता था।

कई जिलों में दर्ज केस

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद और हाथरस के रहने वालों के रूप में हुई है। इस गिरोह का सरगना मुकेश बताया जा रहा है। उस पर कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर के अलावा प्रयागराज, आगरा, बरेली, अलीगढ़, जौनपुर, मथुरा और अन्य जिलों में भी इनके खिलाफ केस हैं। इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और प्रदेश भर में वारदात करता था।

व्हाट्सएप से चलता था ऑपरेशन

पुलिस जांच में एक अहम खुलासा हुआ है। यह गैंग अपने ऑपरेशन के लिए व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करता था। हर दिन सुबह करीब 3:30 बजे गैंग लीडर सभी सदस्यों को कॉल करता था। इसके बाद 4:30 बजे लोकेशन बताई जाती थी। सभी सदस्य अलग-अलग ठिकानों से निकलकर तय जगह पर पहुंचते थे। यह पूरा सिस्टम बेहद संगठित और प्लानिंग के साथ चलता था।

यात्रियों को बनाते थे निशाना

गैंग का काम करने का तरीका भी खास था। पहले ये लोग यात्रियों को टारगेट करते थे। फिर सामान रखने के बहाने उनके पास पहुंचते थे। भीड़ का फायदा उठाते थे। इसी दौरान बैग को काटकर कीमती सामान निकाल लेते थे। वारदात के बाद सभी अलग-अलग दिशा में निकल जाते थे। इससे पकड़ पाना मुश्किल हो जाता था।

उम्र और अपराध का रिकॉर्ड

गिरफ्तार सभी आरोपियों की उम्र 30 से 40 साल के बीच है। इनमें कुछ के खिलाफ दर्जनों केस दर्ज हैं। अर्जुन पर 21 और मुकेश पर 13 केस दर्ज बताए जा रहे हैं। इससे उनके अपराधी इतिहास का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अब इनके पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।

बड़ा नेटवर्क खत्म

इस मामले पर निमिष पाटील ने बताया कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसे पकड़ लिया है। आगे भी जांच जारी है। अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इससे शहर में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।

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