गोरखपुर में विकास की नई रफ्तार: तारामंडल में 14.33 करोड़ के टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण, सुविधाओं का संरक्षण भी जनता की जिम्मेदारी

जिले में विकास को नई दिशा देने वाली एक और बड़ी परियोजना मंगलवार को जनता को समर्पित कर दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने 14.33 करोड़ रुपये की लागत वाले टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया। उन्होंने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर इस पुल को जनता के लिए खोल दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2017 के बाद यहां विकास की एक लंबी श्रृंखला तैयार हुई है। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ विकास करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल और संरक्षण करना भी जरूरी है। इसमें नागरिकों की भूमिका अहम होती है।
सीएम योगी ने गोरखपुर के पुराने हालात को याद करते हुए कहा कि पहले यहां की छवि काफी अलग थी। लोग माफिया और अव्यवस्था से परेशान थे। गोरखपुर का नाम सुनकर लोग डरते थे। निवेश नहीं आता था। युवाओं को नौकरी के लिए भटकना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज गोरखपुर में उद्योग बढ़े हैं। गीडा के जरिए 50 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है। शहर में बेहतर सड़कें, अस्पताल, शिक्षण संस्थान और पर्यटन सुविधाएं विकसित हुई हैं।
विकास और आधुनिकता का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर को देखकर लोग हैरान होते हैं। यहां फोरलेन और सिक्सलेन सड़कों का नेटवर्क है। एम्स की सुविधा मिल चुकी है। खाद कारखाना और पिपराइच चीनी मिल फिर से शुरू हो चुके हैं। रामगढ़ताल अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। चिड़ियाघर, होटल और नए इंफ्रास्ट्रक्चर ने शहर को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि यह सब सामूहिक प्रयास का परिणाम है और इसे बनाए रखना भी जरूरी है।
तारामंडल क्षेत्र बना समृद्धि का नया केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि 20 साल पहले तारामंडल क्षेत्र में कोई रहना नहीं चाहता था। 1998 की बाढ़ के बाद हालात और खराब हो गए थे। लेकिन अब यह क्षेत्र शहर की सबसे पॉश लोकेशन बन चुका है। उन्होंने बताया कि नया टू-लेन ब्रिज बनने से इंटरनल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। समय की बचत होगी और ट्रैफिक भी कम होगा।
ब्रिज से जुड़े कई इलाके, ट्रैफिक में राहत
यह 112 मीटर लंबा ब्रिज वसुंधरा एंक्लेव के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ता है। इसके दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया गया है। पहले लोगों को पैडलेगंज और अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। अब इस पुल के जरिए दूरी कम हो गई है। नया सवेरा इलाके में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। आसपास के कई आवासीय क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा।
वाटर बॉडी को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वाटर बॉडी का विकास रामगढ़ताल की तरह किया जाए। यहां पानी का प्रवाह दिखाई दे। नौकायन की सुविधा शुरू हो। उन्होंने कहा कि यह स्थान परिवारों के घूमने और बच्चों के खेलने के लिए विकसित किया जाए। इससे शहर को एक और आकर्षक पर्यटन स्थल मिलेगा।
मजदूरों और बच्चों से मिले सीएम
ब्रिज के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री की नजर वहां काम कर रहे मजदूरों पर पड़ी। उन्होंने उन्हें पास बुलाया और उनके साथ फोटो खिंचवाई। यह श्रम शक्ति के सम्मान का संदेश था। उन्होंने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान कार्यक्रम में सांसद रवि किशन समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
जनता से की अपील
अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे शहर की सुविधाओं का संरक्षण करें। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और सुंदरता को लेकर मोहल्लों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। यह कार्यक्रम सिर्फ एक पुल के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गोरखपुर के बदलते स्वरूप और भविष्य की दिशा का भी संकेत बनकर सामने आया।
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