गोरखपुर में गैस एजेंसी पर बवाल: लात-घूंसे चले, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

शहर के उरुवा बाजार में रविवार दोपहर एक गैस एजेंसी पर अचानक हालात बेकाबू हो गए। सिलेंडर लेने पहुंचे ग्राहकों और एजेंसी स्टाफ के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों के मोबाइल में कैद हो गई और कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि घटना मां लक्ष्मी इंडेन गैस एजेंसी की है जहां उस समय काफी भीड़ जमा थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब एक बजे एजेंसी पर गैस सिलेंडर लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भीड़ ज्यादा होने के कारण व्यवस्था बिगड़ गई थी। इसी दौरान कुछ ग्राहकों और एजेंसी के कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था लेकिन धीरे-धीरे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया। कुछ ही मिनटों में यह बहस झगड़े में बदल गई और फिर हाथापाई शुरू हो गई। कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोग डर के कारण दूर हट गए जबकि कुछ ने बीच-बचाव की कोशिश भी की।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैली घटना
घटना के दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। मारपीट के दृश्य कैमरे में कैद हो गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं और स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो चुकी है। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
बदसलूकी और मनमानी का मुद्दा
घटना के बाद कई ग्राहकों ने एजेंसी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यहां स्टाफ का व्यवहार अक्सर खराब रहता है। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी और मैनेजर लोगों से सही तरीके से बात नहीं करते और कई बार गाली-गलौज भी करते हैं। उनका यह भी कहना है कि गैस वितरण में पारदर्शिता नहीं है और मनमाने तरीके से काम किया जाता है। कुछ लोगों ने बताया कि पहले भी इस एजेंसी पर छोटे-छोटे विवाद हो चुके हैं लेकिन इस बार मामला ज्यादा बढ़ गया।
पुलिस जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, एजेंसी की कार्यप्रणाली की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह भी देख रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और किस पक्ष की गलती ज्यादा थी।
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