गोरखपुर नगर निगम के बड़े फैसले: नामांतरण में जुर्माना खत्म, पार्षद निधि 70 लाख, जोन-4 में बनेगा नया कार्यालय

गोरखपुर|22 अप्रैल 2026
नामांतरण में जुर्माना खत्म, पार्षद निधि 70 लाख, जोन-4 में बनेगा नया कार्यालय

गोरखपुर नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में आम जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। सिविल लाइंस स्थित जोनल कार्यालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने की। सबसे बड़ा फैसला नामांतरण प्रक्रिया को आसान बनाने को लेकर हुआ। अब खाली जमीन के नामांतरण में देरी होने पर लगने वाला 10% वार्षिक जुर्माना पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। पहले लोग जमीन खरीदने के बाद अगर लंबे समय तक निर्माण नहीं कराते थे, तो उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ता था। इसके अलावा हर महीने 100 रुपये तक का लेट फीस भी देना होता था। इस नियम के खत्म होने से हजारों लोगों को सीधी राहत मिलेगी।

अब नए नियम के तहत लोगों को सिर्फ रजिस्ट्री के आधार पर तय नामांतरण शुल्क ही देना होगा। अतिरिक्त जुर्माना या देरी शुल्क नहीं लगेगा। इससे प्रक्रिया ज्यादा ट्रांसपेरेंट और यूजर-फ्रेंडली हो जाएगी। नगर निगम ने इस फैसले को लागू करने के लिए एक कमेटी भी बनाई है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और अनावश्यक आर्थिक बोझ भी कम होगा।

विकास को मिलेगा बूस्ट

शहर के विकास को गति देने के लिए पार्षदों की वरीयता निधि को बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह राशि कम थी, जिससे कई विकास कार्य अधूरे रह जाते थे। अब हर पार्षद अपने वार्ड में सड़क, नाली, पानी और अन्य सुविधाओं के लिए बेहतर तरीके से काम करा सकेगा। नगर निगम ने पार्षदों से कहा है कि वे जल्द ही 35-35 लाख रुपये के प्रस्ताव तैयार करके दें, ताकि विकास कार्यों को समय पर शुरू किया जा सके। इस फैसले से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी आने की उम्मीद है।

गर्मी से राहत के लिए 50 जगह लगेंगे प्याऊ

भीषण गर्मी को देखते हुए नगर निगम ने मानवीय पहल भी की है। शहर के 50 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्याऊ लगाए जाएंगे। इससे राहगीरों, मजदूरों और आम लोगों को गर्मी में राहत मिलेगी। उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो दिनभर धूप में काम करते हैं। प्रशासन का कहना है कि गर्मी के पूरे सीजन में इन प्याऊ की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी।

सस्ती दर पर मिलेगा शवदाह वाहन

नगर निगम ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए एक और अहम फैसला लिया है। अब शहर में शवदाह वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आम लोगों को इस सेवा के लिए केवल 500 रुपये देने होंगे। वहीं लावारिस बॉडी के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी। यह सुविधा उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अंतिम संस्कार के समय परेशानी का सामना करते हैं।

जोन-4 में बनेगा नया आधुनिक कार्यालय

बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में स्थित पुराने और जर्जर जोनल कार्यालय को तोड़कर वहां नया और आधुनिक भवन बनाया जाएगा। यह कार्यालय जोन-4 के अंतर्गत आएगा और इसमें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे कर्मचारियों के काम करने का माहौल बेहतर होगा और जनता को भी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। नई बिल्डिंग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

बेहतर सुविधा और स्मार्ट सिटी की ओर कदम

नगर निगम के इन फैसलों से साफ है कि प्रशासन अब शहर को ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। नामांतरण में राहत, बढ़ी हुई पार्षद निधि, पानी की व्यवस्था और नए भवन जैसे कदम सीधे तौर पर जनता को फायदा पहुंचाएंगे। आने वाले समय में इन फैसलों का असर शहर के विकास और लोगों की लाइफस्टाइल पर साफ नजर आएगा।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।