गोरखपुर में भीषण गर्मी के चलते बदला स्कूल टाइम: अब 12:30 बजे तक ही चलेंगी कक्षाएं, पुरानी बसों पर भी सख्ती

गोरखपुर में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद के सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। अब कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही संचालित होंगे। यह आदेश परिषदीय, राजकीय, वित्तविहीन, संस्कृत, सीबीएसई, आईसीएसई और सहायता प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बच्चों को हीटवेव और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उठाया गया है। आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा और सभी स्कूलों को इसका सख्ती से पालन करना होगा।
गोरखपुर और आसपास के इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय कम किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुबह के समय पढ़ाई कराने से गर्मी का असर कम रहेगा और छात्र-छात्राएं सुरक्षित रहेंगे। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों के लिए पीने के पानी और बेसिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखें।
पुरानी स्कूल बसों के संचालन पर रोक
इसी के साथ स्कूलों में चल रही बसों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 15 साल से ज्यादा पुरानी बसों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना परमिट चलने वाली बसों पर भी कार्रवाई होगी। यह निर्देश उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘प्रश्न एवं संदर्भ समिति’ की बैठक में दिए गए। समिति के अध्यक्ष धुव कुमार त्रिपाठी ने साफ कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों को अपने वाहन नियमों के अनुसार संचालित करने होंगे।
स्कूलों की मान्यता और शाखाओं की भी होगी जांच
प्रशासन ने सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के साथ-साथ यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों की भी जांच के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर उन स्कूलों पर नजर रखी जाएगी जो नियमों के विपरीत अतिरिक्त शाखाएं चला रहे हैं। समिति ने अधिकारियों को कहा है कि ऐसे मामलों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करें और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करें। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
बिजली और सुविधाओं को लेकर भी दिए निर्देश
बैठक में स्कूलों में बिजली व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी स्कूलों में सही तरीके से विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। गर्मी के मौसम में बिजली की उपलब्धता बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों को परेशानी न हो। साथ ही शासन की गाइडलाइन के अनुसार बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया है। स्कूलों में पंखे, कूलर जैसी सुविधाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों के भुगतान और योजनाओं की समीक्षा
बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबित भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी देयकों का भुगतान समय पर किया जाए। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा हुई। गोरखपुर और महराजगंज के अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट पेश की और बताया कि योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।
प्रशासन का फोकस: सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दें। समिति ने भी साफ कहा कि लंबित कार्यों को जल्द पूरा किया जाए और सभी जरूरी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए।
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