गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में बवाल: निवर्तमान अध्यक्ष भानू पांडेय पर जानलेवा हमला, नतीजे करीब आते ही शुरू हुई मार-पीट

गोरखपुर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में बुधवार की रात जमकर बवाल हुआ। दिन भर शांति से चले मतदान के बाद दो गुट आपस में भिड़ गए। चुनावी रंजिश के तहत निवर्तमान अध्यक्ष भानू पांडेय पर जानलेवा हमला किया गया। इसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद चुनाव के नतीजे रोक दिए गए। हालांकि बाद में आए चुनाव नतीजों में भानू पांडेय के समर्थित प्रत्याशित उमापति उपाध्याय को अध्यक्ष और अनुज अस्थाना को मंत्री पद पर जीत मिली। उधर, मंत्री गिरजेश मणि ने भी मार-पीट गाली देने का आरोप लगाकर कैंट पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर हत्या की कोशिश और लूट जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज किया।
नतीजे करीब आते ही शुरू हुआ विवाद
बुधवार को दिनभर मतदान की प्रक्रिया शांति से पूरी हुई थी। शाम 6:30 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। रात करीब 9:30 बजे जब अध्यक्ष और मंत्री पद के नतीजे आने वाले थे, तभी अचानक विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लात-घूंसे चलने लगे और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दो गुट आपस में भिड़ गए। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष पर जानलेवा हमला किया गया और वे घायल हो गए।

निवर्तमान अध्यक्ष भानू पांडेय पर हमले का आरोप
पीड़ित भानू पांडेय का आरोप है कि अध्यक्ष पद के प्रत्याशी गिरिजेश मणि त्रिपाठी, अमर पांडेय, उत्सव मिश्रा, अजय पांडेय, अभिमन्यु निषाद, सौरभ मद्धेशिया और नीरज शाही ने उन पर जानलेवा हमला किया और उनका मोबाइल फोन लूट लिया। देर रात भानू पांडेय ने समर्थकों के साथ कैंट थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने उनकी तहरीर पर गिरजेश मणि त्रिपाठी, अभिमन्यु निषाद, अमर पांडेय, उत्सव मिश्रा समेत सात नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घायल भानू पांडेय का मेडिकल टेस्ट जिला अस्पताल में कराया।
दूसरे पक्ष ने भी केस दर्ज कराया
मारपीट की घटना के बाद दूसरे पक्ष ने भी केस दर्ज कराया है। गिरजेश मणि त्रिपाठी की तहरीर पर निवर्तमान अध्यक्ष भानु पांडेय, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उमापति उपाध्याय, उनके दो बेटों सहित 15 से 20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सीओ कैंट अरुण कुमार यश के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति पूरी तरह से काबू में है। कैंट पुलिस को दोनों पक्षों ने तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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