गोरखपुर पुलिस को मिली नई ताकत: 1239 महिला आरक्षियों की तैनाती, नौ महीने की कड़ी तैयारी

गोरखपुर|26 अप्रैल 2026
1239 महिला आरक्षियों की तैनाती, नौ महीने की कड़ी तैयारी

गोरखपुर में पुलिस व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है। नौ महीने का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर चुकी 1239 महिला आरक्षी अब फील्ड में उतरने के लिए तैयार हैं। पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में 26 अप्रैल को आयोजित दीक्षांत परेड के साथ इन प्रशिक्षुओं ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की। अब इन्हें अलग-अलग थानों और यूनिट्स में तैनात किया जाएगा। इससे जिले में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

यह प्रशिक्षण अभियान 21 जुलाई 2025 से शुरू हुआ था। इस दौरान महिला प्रशिक्षुओं को आधुनिक पुलिसिंग के सभी पहलुओं से रूबरू कराया गया। उन्हें कानून व्यवस्था संभालने, भीड़ नियंत्रण करने और क्राइम से निपटने के तरीके सिखाए गए। साथ ही व्यवहारिक कौशल पर भी खास ध्यान दिया गया। ताकि वे आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान फिजिकल फिटनेस, ड्रिल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की भी ट्रेनिंग दी गई।

गोरखपुर और कुशीनगर में तैनाती

गोरखपुर पुलिस लाइन में कुल 493 महिला प्रशिक्षुओं ने ट्रेनिंग पूरी की। दीक्षांत परेड के बाद इनमें से 256 महिला आरक्षियों को गोरखपुर में तैनात किया गया। वहीं 237 महिला आरक्षियों को कुशीनगर जिले में भेजा गया है। इसके अलावा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से 983 महिला आरक्षी और मिली हैं। इन सभी को अब अलग-अलग थानों में व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। इससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होगी।

महिला सुरक्षा पर पड़ेगा सीधा असर

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कौस्तुभ ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने से महिला संबंधित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। महिला हेल्प डेस्क, घरेलू हिंसा, छेड़खानी और अन्य संवेदनशील मामलों में अब पीड़िताओं को ज्यादा सहूलियत मिलेगी। महिला आरक्षियों की मौजूदगी से पीड़ित महिलाएं अपनी बात खुलकर रख सकेंगी।

दीक्षांत परेड में अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रदर्शन

दीक्षांत परेड के दौरान महिला प्रशिक्षुओं ने शानदार परेड और ड्रिल का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि एस. चनप्पा ने परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रशिक्षुओं की मेहनत और अनुशासन की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि यह नई पीढ़ी की पुलिस फोर्स आधुनिक और संवेदनशील दोनों है।

अन्य प्रशिक्षण केंद्रों से भी मिली बड़ी संख्या

गोरखपुर के अलावा अन्य प्रशिक्षण केंद्रों से भी बड़ी संख्या में महिला आरक्षी पास आउट हुई हैं। पीएसी के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में करीब 600 महिला रिक्रूट ने प्रशिक्षण पूरा किया। वहीं पीटीसी (पुलिस प्रशिक्षण केंद्र) से करीब 500 महिला आरक्षी पास आउट हुईं। इस तरह कुल मिलाकर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी अब फील्ड में तैनात होने जा रही हैं।

पुलिसिंग में आएगा बदलाव

इतनी बड़ी संख्या में महिला आरक्षियों की तैनाती से पुलिसिंग के तरीके में बदलाव देखने को मिलेगा। थानों में कार्यक्षमता बढ़ेगी। भीड़ नियंत्रण, वीआईपी ड्यूटी और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अब अतिरिक्त बल मिलेगा। साथ ही, संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण भी मजबूत होगा।

नव्य जागरण

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