गोरखपुर विश्वविद्यालय में खत्म होगा जाम का झंझट: तीन नए गेट और मल्टी एंट्री सिस्टम से मिलेगी राहत, नई व्यवस्था से बदलेगा कैंपस का ट्रैफिक सिस्टम

गोरखपुर|22 अप्रैल 2026
तीन नए गेट और मल्टी एंट्री सिस्टम से मिलेगी राहत, नई व्यवस्था से बदलेगा कैंपस का ट्रैफिक सिस्टम

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही जाम और पार्किंग की समस्या अब जल्द खत्म होने जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए सत्र से मल्टीपल एंट्री और मल्टी एग्जिट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत परिसर में आने-जाने के लिए एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग प्रवेश द्वार विकसित किए जा रहे हैं। इसका सीधा फायदा छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा। अब उन्हें मुख्य गेट पर लगने वाली लंबी कतार और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव कैंपस को ज्यादा व्यवस्थित और स्मार्ट बनाएगा।

अब तक विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से एक ही गेट का इस्तेमाल होता था। इसी वजह से सुबह और दोपहर के समय भारी भीड़ जमा हो जाती थी। खासकर ऑफिस टाइम और क्लास के समय छात्रों को काफी परेशानी होती थी। कई बार जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि अंदर पहुंचने में काफी समय लग जाता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मल्टी एंट्री सिस्टम का प्लान तैयार किया। नए गेट बनने के बाद भीड़ अलग-अलग रास्तों में बंट जाएगी और ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

दक्षिण दिशा में तैयार हुआ नया भव्य गेट

विश्वविद्यालय के दक्षिण दिशा में एक नया और भव्य प्रवेश द्वार लगभग बनकर तैयार है। यह गेट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यहां से बड़े पैमाने पर वाहनों का प्रवेश संभव होगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में एक विशाल पार्किंग एरिया भी विकसित किया जा रहा है। इससे छात्रों और कर्मचारियों को अपने वाहन पार्क करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। पार्किंग की यह सुविधा कैंपस के ट्रैफिक मैनेजमेंट को काफी आसान बनाएगी और अनावश्यक भीड़ को कम करेगी।

पैदल प्रवेश के लिए अलग व्यवस्था

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैदल आने-जाने वाले छात्रों के लिए भी खास व्यवस्था की है। हिंदी विभाग की ओर से एक अलग पैदल प्रवेश मार्ग तैयार किया जा रहा है। इससे पैदल चलने वालों को वाहनों के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कदम सुरक्षा के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। अलग-अलग एंट्री पॉइंट्स से छात्रों को अपने विभाग तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी होगी और समय की भी बचत होगी।

नई पार्किंग से खत्म होगी पुरानी समस्या

अब तक विश्वविद्यालय में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं थी। ज्यादातर छात्र और कर्मचारी केवल एक साइकिल स्टैंड पर निर्भर थे, जो जरूरत के मुकाबले काफी छोटा था। इससे कैंपस में अव्यवस्था फैलती थी और जाम की स्थिति बनती थी। अब प्रशासनिक भवन के पीछे एक बड़ा पार्किंग स्थल तैयार किया जा रहा है। इस नई सुविधा के शुरू होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और परिसर ज्यादा व्यवस्थित नजर आएगा।

चौथे गेट की भी तैयारी जारी

विश्वविद्यालय प्रशासन यहीं नहीं रुक रहा है। विधि विभाग के पास एक चौथा गेट खोलने की भी योजना बनाई जा रही है। हालांकि वहां अभी निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका है। जैसे ही निर्माण पूरा होगा, इस गेट को भी चालू कर दिया जाएगा। इससे एंट्री और एग्जिट के विकल्प और बढ़ जाएंगे और कैंपस का ट्रैफिक पूरी तरह संतुलित हो सकेगा।

छात्रों की सुविधा पर फोकस

विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन ने कहा कि छात्रों की सुविधा प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि नए गेट और पार्किंग व्यवस्था से जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। मल्टी एंट्री और मल्टी एग्जिट सिस्टम लागू होने से कैंपस में प्रवेश और निकास ज्यादा आसान और सुगम हो जाएगा।

नव्य जागरण

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