अगले हफ्ते कैंसिल हो सकता है हॉस्पिटल का लाइसेंस: ऑपरेशन के दौरान चली गई थी 19 मरीजों के आंखों की रोशनी, डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर एडीएम ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी

सिकरीगंज के न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 19 मरीजों के आंख की रोशनी चली गई थी। इसके बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई। शुक्रवार को सीएमओ डा. राजेश झा ने हॉस्पिटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिया। इससे पहले डीएम दीपक मीणा ने पूरे मामले की जांच एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र को सौंपी थी। एडीएम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। उसमें आपरेशन थियेटर में वैक्टीरिसल इंफेक्शन मिला है और आपरेशन के लिए उपयोग किए गए उपकरण भी इंफेक्टेड मिले हैं। पीड़ितों ने भी आंख में दिक्कत की बात मानी लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की।
एडीएम की रिपोर्ट आने के बाद डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट का हवाला देते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन से पूछा गया है कि इतनी खराब व्यवस्था के कारण आपका लाइसेंस क्यों न निरस्त कर दिया जाए। इसपर हॉस्पिटल प्रबंधन को जवाब देना है। माना जा रहा है कि कोई संतोषजनक जवाब मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में अगले सप्ताह हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
नोटिस का जवाब आने तक सील रहेगा हॉस्पिटल
सीएमओ ने यह भी निर्देश दिया है कि नोटिस का जवाब आने तक हॉस्पिटल में किसी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं रहेगी। इसपर रोक लगा दी गई है। हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से जवाब आने के बाद उसका परीक्षण किया जाएगा। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
नेत्र शिविर में हुआ था ऑपरेशन
फरवरी महीने की पहली व दूसरी तारीख को सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक हास्पिटल में नेत्र शिविर लगा था। इस शिविर में दो दिन में 30 मरीजों का मोतियाबिंद का आपरेशन किया गया। 2 फरवरी को जिनका आपरेशन हुआ, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। धीरे-धीरे 18 लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया। हालात बिगड़ने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने मामला मैनेज करने का प्रयास किया। लेकिन अलग-अलग अस्पताल में इलाज के दौरान 9 लोगों की आंख निकालनी पड़ी। 9 और लोगों के आंखों के आंख की रोशनी चली गई थी, जिसमें से एक की रोशनी आ गई। फिलहाल प्रभावित मरीजों की आंखों का इलाज उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में हो रहा है।
सीएमओ ने सील की थी ओटी
इस घटना के बाद से जिलाधिकारी ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीएमओ ने अस्पताल की ओटी को सील कर दिया था। बाकी का अस्पताल खुला था। हालांकि मरीज वहां नहीं पहुंचे। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच के लिए समिति का गठन किया था। समिति ने विस्तृत जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी है।
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