गैस की हाहाकार से होटलों पर लटकने लगा ताला: खर्च न निकाल पाने के चलते रेस्टोरेंट बंद कर रहे संचालक, जायका न मिलने से ग्राहक बना रहे दूरी

ईरान- इजराइल जंग के चलते शहर के हॉस्पिटैलिटी सर्विस पर बड़ा संकट छा गया है। रसोई गैस की आपूर्ति न मिलने से सिटी में चल रहे रेस्टोरेंट, होटल और ढ़ाबों पर अब ताला लगने लगा है। गैस सिलेंडर की सार्टेज के चलते पहले तो रेस्टोरेंट का खाना मंहगा हुआ। इसके बाद भी जब हालात नहीं बदले तो लागत न निकल पाने के चलते रेस्टोरेंट के संचालक कर्मचारियों की छंटनी करके आर्थिक बैलेंस बना रहे हैं। शहर के ज्यादातर रेस्टोरेंट, होटल संचालकों का कहना है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो रेस्टोरेंट बंद करना पड़ जाएगा। बिगड़े हालात के बीच जब नव्य जागरण की टीम ने शहर के रेस्टोरेंट व होटलों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। हमें क्या दिखा आप भी देखिए।
तीन रेस्टोरेंट हो गए बंद
तारामंडल स्थित FFC रेस्टोंरेंट के मालिक विकास कुमार ने बताया कि शहर में उनके कुल चार रेस्टोरेंट हैं। रसोई गैस संकट के चलते तीन रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज यह रेस्टोरेंट भी बंद हो जाएगा। विकास ने कहा कि इतनी महंगी गैस होने के बाद भी समय से नहीं मिल पा रही है। इस समय दुकान में लागत भी नहीं निकल पा रही। ऐसे में इसे बंद रखना ही मुनासिब है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि ग्राहक नहीं आ रहे, लेकिन गैस न होने के चलते दुकान खुलने के बाद हम खाना ही नहीं सर्व कर पा रहे। रेस्टोरेंट बंद होने से 10 से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। दोबारा जब उचित रेट पर आपूर्ति बहाल होगी तो रेस्टोरेंट खोला जाएगा।
गैस किल्लत ने तोड़ दी व्यापार की कमर
ट्रांसपोर्ट नगर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी मदन कुमार ने बताया कि रसोई गैस की किल्लत ने होटल व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। आज होटल पूरी तरह खाली है। जो लोग खाना खा रहे हैं उनमें एक आदमी को छोड़कर सभी होटल के कर्मचारी हैं। अभी होटल में बस कोयले के चूल्हे पर खाना बन रहा है।कोयला बार-बार नहीं जला सकते। इससे ग्राहकों को गर्म खाना नहीं मिल पा रहा। जायका न मिलने के चलते लोगों ने यहां आना बंद कर दिया है। यही स्थिति रही तो दो-तीन दिनों में इसे बंद करके घर बैठेगें। जब गैस मिलेगी तो फिर होटल शुरु किया जाएगा।
किराना मार्केट पर भी पड़ रहा असर
तारामंडल क्षेत्र के साउथ इंडियन रेस्टोरेंट के मालिक कोमल यादव ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण लोगों को कुछ कम फ्राई वाला खाना ही परोस पा रहे हैं। इससे तेजी से ग्राहकों की संख्या घट रही है। जब से गैस सिलेंडर की किल्लत बड़ी है तब से कारोबार 70 से 80 फीसदी डाउन हो गया है। कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल सहित होटल के कई खर्चे हैं। समझ में नहीं आता कि इनको पूरा कैसे किया जाए।
राजघाट क्षेत्र में ठेले पर खाना बनाने वाले सर्वेश कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण पिछले छह दिनों से ठेला नहीं लगा रहे हैं। इसके चलते 25 से 30 हजार रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। शहर के कई होटलों का हाल ऐसा ही है। वहीं, किराना मार्केट पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। हालात ये हैं कि खाद्य सामग्री की बिक्री में तेजी से गिरावट आ रही है।
कोयले के चूल्हे पर पक रहा खाना
ट्रांस्पोर्ट नगर स्थित राज होटल एवं रेस्टोरेंट के मालिक शक्ति यादव ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कोयले के चूल्हे पर खाना पका रहे हैं। जबतक सिलेंडर की आपूर्ति ठीक थी हमारे यहां रोजाना 30 अलग-अलग तरह के खाने के पकवान लोगों को सर्व करते थे, लेकिन अब इसकी मात्रा सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी हालात ऐसे बन जा रहे हैं कि दुकान बंद करनी पड़ जा रही है, लेकिन कर्मचारियों व परिवार का खर्च चलाने के लिए किसी तरह संचालन किया जा रहा है। अगर यही हालात रहे तो हफ्ते भर में होटल को स्थाई रुप से बंद करना पड़ेगा।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










