चटोरी गली का बिजनेस चौपट कर रही है अवैध पार्किंगः: इंट्री प्वाइंट पर खड़ी रहती हैं नेताजी के सर्मथकों की गाड़ियां, दुकानों तक नहीं पहुंच रहे कस्टमर

मंजूर अहमद|06 मार्च 2026
इंट्री प्वाइंट पर खड़ी रहती हैं नेताजी के सर्मथकों की गाड़ियां, दुकानों तक नहीं पहुंच रहे कस्टमर

सिटी के हार्ट प्लेस गोलघर के बीचों-बीच बनी चटोरी गली इन दिनों अवैध पार्किंग का अड्डा बन गई है। यहां दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों को तो दिक्कत हो ही रही है, व्यंजनों का लुत्फ उठाने आ रहे शहरवासी भी इसका प्रकोप झेल रहे हैं। आए दिन यहां होने वाली अवैध पार्किंग से जाम लगता रहता है, जिसके चलते शहर के अन्य हिस्से से आने वाले लोग अब यहां आने से बचने लगे हैं। नतीजा, शासन ने जिस उददेश्य से नौ करोड़ रुपये खर्च कर इस योजना को अंजाम दिया था, वह विफल होती नजर आ रही है।

नौ करोड़ से हुआ है निर्माण

दरअसल, शासन की मंशा के मुताबिक नगर निगम ने नौ करोड़ की लागत से शहर के बीचों-बीच चटोरी गली का निर्माण कराया है। इसका उददेश्य एक ही स्ट्रीट में लोगों को विभिन्न तरह के लजीज व्यंजनों का स्वाद चखाना है। लोगों के मनोरंजन में कोई खलल न पड़े इसलिए नगर निगम ने चटोरी गली को 'नो पार्किंग जोन' बना दिया है। इसमें एसएसपी आवास की ओर से लोहे के पिलर लगाकर वाहनों को रोका गया है। आम पब्लिक तो इस नियम को मानती है, लेकिन चटोरी गली के बीच स्थित आवासीय कैंपस में आने वाले लोग इसे मानने से इंकार कर देते हैं। यहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी इन लोगों के सामने लाचार नजर आते हैं।

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व्यापारियों में नाराजगी

चटोरी गली में दुकान संचालित करने वाले व्यापारी इससे बेहद आक्रोशित हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब प्रशासन ने इस मार्ग को ट्रैफिक सुधार के लिए बंद किया था तो पैदल यात्रियों को दिक्कत क्यों हो रही है। यहां पैदल मार्ग के गेट पर रोजाना कुछ ऊंची पहुंच के लोग अपने वाहन पार्क कर देते हैं। ट्रैफिक पुलिस वैसे तो आम लोगों का चालान काटने में बिल्कुल भी नहीं हिचकती, लेकिन जब इन लोगों की बात आती है तो वह असहाय नजर आने लगती है। आम लोगों का रास्ता बंद होने का सीधा असर हमारे व्यापार पर पड़ रहा है।

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यहां आने वाले लोग होते हैं कन्फ्यूज

गोरखपुर उद्योग व्यापार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल ने कहा कि यहां समस्या गाड़ियों का रास्ता बंद करने की नहीं है। समस्या यह है कि चटोरी गली के सामने गाड़ियां अवैध तरीके से पार्क हो रही हैं। लोग यह नहीं समझ पा रहे कि वे अपने वाहन कहां पार्क करें और प्रवेश किस रास्ते से करें। इसके चलते ज्यादातर कस्टमर यहां आना ही छोड़ दे रहे हैं। वहीं, कुछ लोग आस-पास की दुकानों के गेट पर वाहन पार्क कर दे रहे हैं, जिससे दूसरे व्यापारियों की दुकानदारी चौपट हो रही है। व्यापारी इसरार अहमद ने बताया कि जीडीए काॅम्प्लेक्स की ओर से रास्ता बंद है। केवल पुलिस चौकी की ओर से रास्ता खुला है और वहां 'नो व्हीकल जोन' बनाया गया है। ऐसे में चटोरी गली में ग्राहक आने से बच रहे हैं।

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स्थानीय प्रशासन ध्यान दे तो बने बात

कपड़ा कारोबारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि चटोरी गली की स्थिति पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यक्ता है क्योंकि यहां वर्षों पुराना व्यापार खराब हो रहा है। व्यापारी अनूप सिंह ने कहा कि अब चटोरी गली पार्किंग स्थल बन गया है। यहां बड़े वाहन आकर घंटों खड़े रहते हैं, जिससे दुकान पर ग्राहकों को आने में काफी परेशानी होती है। व्यापारी पुनीत जिंदल ने कहा कि चटोरी गली को जितनी खूबसूरती से बनाया गया है, यदि पार्किंग की व्यवस्था ठीक हो जाए तो लोग परिवार के साथ सेलिब्रेट करने कहीं और नहीं जाएंगे।

नेताजी के समर्थक करते हैं विवाद

नव्य जागरण की टीम ने चटोरी गली में पार्किंग की समस्या को लेकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से सवाल किया तो उनके जवाब चैंकाने वाले थे। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक टीएसआई ने बताया कि यहां दो बड़े नेताओं का आवास है। दिनभर उनके समर्थक मिलने-जुलने आते रहते हैं। अवैध पार्किंग के रुप में सबसे ज्यादा इन्हीं के वाहन चटोरी गली के गेट पर खड़े होते हैं। ट्रैफिक पुलिस के मना करने पर ये उनसे विवाद करते हैं। नतीजा, वाहनों के चलते जहां एक ओर रास्ता अवरुद्ध होता है तो वहीं दूसरी ओर जाम भी लगता है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज राय ने बताया कि पास में पड़ी नजूल की जमीन अगर नगर निगम पार्किंग की व्यवस्था करा दे तो काफी हद तक अवैध पार्किंग की स्थिति सुधर सकती है।

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