रेल म्यूजियम के पास लगेेगी डाॅ. कलाम की प्रतिमाः: मुरादाबाद से गोरखपुर पहुंची आकाश, ब्रह्मोस व त्रिशूल मिसाइल, स्टूडेंट्स शिलालेख का अध्ययन कर लेंगे प्रेरणा

विश्वदीपक त्रिपाठी|06 मार्च 2026
मुरादाबाद से गोरखपुर पहुंची आकाश, ब्रह्मोस व त्रिशूल मिसाइल, स्टूडेंट्स शिलालेख का अध्ययन कर लेंगे प्रेरणा

सिटी के पुराने पिकनिक स्पाॅट में शामिल रेल म्यूजियम के आस-पास का नजारा और खूबसूरत होने वाला है। अब इस सड़क से गुजरने वाले लोग देश के वीर सपूत पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम की काबिलियत से रुबरू हो सकेंगे। यहां पूर्व राष्ट्रपति की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके साथ ही आकाश, ब्रम्होस व त्रिशूल मिसाइलों के प्रतीक भी स्थापित किए जाएंगे। रेल म्यूजियम रोड की सूरत संवारने के लिए नगर निगम ने काम शुरु कर दिया है। शुक्रवार को डाॅ. कलाम की प्रतिमा मुरादाबाद से गोरखपुर पहुंच गई। अब इसे यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन के पास निर्माणाधीन गेट के सामने स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य रेल म्यूजियम में आने वाले लोगों व यूनिवर्सिटी के छात्रों को डाॅ. कलाम के व्यक्तित्व की प्रेरणा दिलाना है। इस स्थान की खूबसूरती बढ़ाने के लिए नगर निगम की ओर से रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट की जाएगी। चीफ इंजीनियर संजय चौहान ने बताया कि प्रतिमा और प्रतीकात्मक मिसाइल लगाने का काम शुरु करा दिया गया है। जल्द ही यह लोगों को भव्यता का एहसास कराने के लिए उपलब्ध होगी।

छात्रों को मिलेगी डाॅ. कलाम के संघर्ष की जानकारी

भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए हैं जो अपनी उपलब्धियों, सादगी और प्रेरणादायक जीवन के लिए जाने जाते हैं। डॉ. अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम उन्हीं में से एक हैं। उनका पूरा जीवन हमें यह सीख देता है कि इंसान चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियों में जन्मा हो, अगर उसमें सीखने की ललक, मेहनत करने का जज्बा और देशप्रेम हो तो वह दुनिया की सबसे बड़ी सफलता को हासिल कर सकता है। डाॅ. कलाम की प्रतिमा के पास शिलालेख पर उनके संघर्ष की कहानी, छात्र जीवन से लेकर वैज्ञानिक बनने और राष्ट्रपति बनने तक की कहानी अंकित होगी। इसे पढ़कर छात्र प्रेरणा ले सकेंगे।

चौराहे को नई पहचान दिलाएगी प्रतिमा

गोरखनाथ मंदिर से मोहददीपुर तक सड़क चौड़ीकरण के बाद अब तक इस चौराहे की विशेष पहचान नहीं थी। ऐसे में डाॅ. कलाम की प्रतिमा लग जाने से इसे नई पहचान मिलेगी। साथ ही आने वाले समय में इस चौराहे को पूर्व राष्ट्रपति के नाम से जाना जाएगा।

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