गोरखपुर में औद्योगिक विस्तार की रफ्तार तेज: गीडा 700 एकड़ जमीन करेगा अधिग्रहित, निवेश और इकाइयों को बढ़ावा देने पर जोर

गोरखपुर में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए। इस दौरान 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और 500 एकड़ भूमि के आवंटन का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिससे क्षेत्र में उद्योगों के विस्तार को मजबूती मिलेगी।
बैठक में गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक ने बीते वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र में बड़े निवेशकों की रुचि बढ़ी है और अदाणी ग्रुप, रिलायंस ग्रुप तथा केयान ग्रुप जैसे प्रमुख औद्योगिक घरानों ने यहां निवेश की दिशा में पहल की है। इससे गोरखपुर को पूर्वांचल के उभरते औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
पंजीकरण और संचालन पर विशेष जोर
प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण और आवंटन की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाइयों का कारखाना अधिनियम के तहत अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि औद्योगिक गतिविधियां कानूनी ढांचे के भीतर संचालित हों और श्रमिकों के अधिकारों की भी रक्षा हो सके।
नई इकाइयों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
इसके साथ ही उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष में संचालित होने वाली नई औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उनके लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि केवल निवेश आकर्षित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि प्रस्तावित इकाइयां समय पर शुरू हों और उत्पादन में आएं।
निवेशकों की समस्याओं के समाधान पर जोर
बैठक में निवेशकों को आ रही समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने गीडा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवंटियों और निवेशकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक या तकनीकी स्तर पर कोई बाधा है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि निवेशकों का विश्वास बना रहे।
रोजगार और विकास की नई संभावनाएं
इस अवसर पर गीडा के एसीईओ राम प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि गोरखपुर को औद्योगिक नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए बुनियादी ढांचे, भूमि उपलब्धता और निवेश अनुकूल वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, गीडा द्वारा तय किए गए ये नए लक्ष्य न केवल औद्योगिक विकास को गति देंगे, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे। यदि योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो गोरखपुर आने वाले वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
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